पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- राजस्थान में स्थिति खराब है, पंडित भजनलाल शर्मा मैं आपके खिलाफ नहीं हूं, क्योंकि आप नए- नए बने हैं। अब आपको 2 साल हो गए हैं। 1 वर्ष में ही समझ जाना चाहिए था। मैं जब पहली बार मुख्यमंत्री बना, उस समय में लोग मेरे को भी 4- 6 महीने का मेहमान मान रहे थे, लेकिन मैं 15 साल सीएम रहा। अगर उनका (सीएम भजनलाल शर्मा) कोई मीडिया एडवाइजर है तो वह मेरी बाइट पेन ड्राइव में लेकर भजनलाल के साथ बैठे और इसे लैपटॉप में उनको सुनाना चाहिए। मैं उनके हित में यह बात कह रहा हूं। मेरी आम जनता के साथ सहानुभूति है। सरकार को जनता की सुध लेनी चाहिए। सरकार को जनता के काम को टॉप प्रायोरिटी पर लेना चाहिए। भीलवाड़ा दौरे पर पहुंचे गहलोत ने सोमवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की अलग-अलग स्लैब से लोगों में आतंक पैदा हो गया था। जीएसटी के नाम पर कोई लोगों को डरा रहा है और कोई लोगों को धमका रहा है। अब नई स्लैब लागू हो गई है। हालांकि इलेक्टोरल बॉन्ड ने देशभर में पैसा इकट्ठा करने का जो आतंक मचाया, उन पैसों का रिफंड होना चाहिए। पूरे प्रदेश में भय का माहौल, कोई सुनने वाला नहीं
गहलोत ने कहा- आमतौर पर अब तक जो सरकार बनती आई है, उसको लेकर लगभग 3 साल बाद पब्लिक में सरकार विरोधी लहर होती है। लेकिन प्रदेश में यह पहली बार हुआ है, जब सरकार बनने के साथ ही विरोध शुरू हो चुका है। लोगों के काम नहीं हो रहे हैं। कइयों के काम अटके पड़े हैं। क्राइम बढ़ता जा रहा है। पूरे प्रदेश में भय का माहौल है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ये स्थिति प्रदेश के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने सीएम भजनलाल को नसीहत दी कि वे अपने साथ कोई सलाहकार रखें, जो उन्हें सही राय दे। भजनलाल सरकार को नसीहत- कॉन्फिडेंस से काम करें
पूर्व सीएम ने भजनलाल सरकार को नसीहत देते हुए कहा- आप कॉन्फिडेंस से काम करें, जमकर और दबंगता से राज करें। सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है। राज अच्छा होगा तो उसका फायदा पब्लिक को होगा। सभी तरह से सभी लोगों को उसका फायदा मिलेगा। जिन कामों को हमारी सरकार ने शुरू किया, भजनलाल सरकार ने उन्हीं कामों पर रोक लगा दी। हमने 100 यूनिट बिजली फ्री की, लेकिन सरकार ने उस पर राजनीति की। लोगों के बिलों में भेदभाव किया। 2025 खत्म होने को है, लेकिन लोगों को बिजली के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। हर विभाग के पेमेंट रुके हुए हैं। ठेकेदारों के बिल पास नहीं हो रहे हैं। पिछले साल के मुआवजे अब तक बाकी
गहलोत ने कहा- पशुओं को आहार नहीं मिल पा रहा है, किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्हें चाहिए कि एजेंसियों को पाबंद करें। लोगों की गिरदावरी समय पर हो, उनके लिए बीज और पशु आहार की व्यवस्था हो। पिछले साल जो खराबा हुआ था, उसका मुआवजा सरकार अब तक नहीं दे पाई है, यह हालात काफी बुरे हैं। उन्होंने कहा- राजस्थान मेडिकल फील्ड में पूरे प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में था। हमने लोगों को 25 लाख रुपए का बीमा दिया, ऑर्गन ट्रांसप्लांट पूरी तरह फ्री है। कोई भी आदमी 25 लाख रुपए तक का चिरंजीवी योजना में बीमा लाभ ले सकता है, लेकिन सरकार ने इसको भी मिस्प्रेड किया। आज भी लोगों को यही ध्यान है कि चिरंजीवी योजना में 5 लाख रुपए का ही फायदा मिल सकता है। सरकार गंभीर हो तो समस्याओं का हल हो सकता है
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- अगर सरकार गंभीर हो तो सभी समस्याओं का हल हो सकता है। परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि परिसीमन में अगर सरकार ने बेईमानी की तो सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। प्रदेश और जिलों में परिसीमन किया जाना चाहिए, लेकिन परिसीमन ऐसा हो जो जस्टिफाई हो। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते बजरी माफिया और उसके आतंक पर भी कमेंट किया। वोट चोरी देश के लिए बड़ा खतरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने वोट चोरी के मुद्दे पर कहा कि वोट चोरी देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है। कोई भी अधिकारी हो, जनता की किसी भी बात को वह सुनता है, समझता है और जांच करवाने की बात करता है। लेकिन इस बड़े मुद्दे पर सेंट्रल गवर्नमेंट में कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं है। सवाल इलेक्शन कमीशन से होता है, जवाब बीजेपी देती है। देशभर में वोट चोरी का माहौल ईवीएम के चलते पहले ही बना हुआ था, इसलिए वोट चोरी का अभियान पूरे देश में गति पकड़ रहा है। बीजेपी के लोग केवल गो-भक्ति का दिखावा करते हैं
गहलोत ने बीजेपी के हिंदू-मुस्लिम और गायों पर राजनीति करने पर भी कटाक्ष किया। कहा कि गो-शालाओं का अनुदान देने का काम सबसे पहले हमने शुरू किया। बीजेपी के लोग केवल गो-भक्ति का दिखावा करते हैं। ये लोग गो-भक्त बनते हैं, लेकिन गायों की सेवा नहीं करते हैं। कन्हैयालाल केस में एनआईए जांच कब करेगी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं। उनसे मेरा एक ही सवाल है कि कन्हैयालाल हत्याकांड में एनआईए कब कार्रवाई करेगी, इसका उन्हें जवाब देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे प्रदेश की 2 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, इसलिए मैंने कहा था कि अगर वसुंधरा तीसरी बार सीएम बनती तो उनके पहले के अनुभव काम आते, फिर भी कोई कमी होती तो हम सदन में विपक्ष के रूप में जमकर अटैक करते। …………………
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