खैरथल-तिजारा जिले के कृषि विज्ञान केंद्र गुंता में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय उद्यानिकी सेमिनार का सफल समापन हो गया है। सेमिनार का उद्घाटन उप निदेशक उद्यान, खैरथल-तिजारा, गोपाललाल मीणा और केंद्र के इंचार्ज डॉ. शर्मा ने किया। मंच संचालन दिनेश कुमार तक्षक ने किया। सेमिनार के पहले दिन डॉ. शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने फल बगीचे की स्थापना, फव्वारा सेट, मिनी स्प्रिंकलर, बूंद-बूंद सिंचाई संयंत्र और जल संरक्षण तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही, इन योजनाओं पर उपलब्ध सरकारी अनुदान का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी समझाई गई। दूसरे दिन के तकनीकी सत्र में आईएचआईटीसी दुर्गापुरा, जयपुर के चीफ ट्रेनर सत्य नारायण चौधरी ने उच्च उद्यानिकी तकनीकों की आवश्यकता, महत्व और प्रबंधन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से समय पर आवेदन कर लाभ लेने का आह्वान किया। प्रशिक्षणार्थियों को फार्म प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) बनाने और उसमें जुड़कर सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की सलाह दी गई। चौधरी ने संरक्षित खेती अपनाने पर जोर देते हुए पाली हाउस, शेडनेट हाउस, लो टनल, फार्म पॉन्ड, सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, प्याज भंडारण संरचना, मशरूम उत्पादन इकाई और पैक हाउस जैसी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उत्पादों के सुरक्षित परिवहन के लिए रिफर वैन पर दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाकर “स्मार्ट फार्मिंग” अपनाने की भी अपील की। उप निदेशक गोपाल लाल मीणा ने विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और नवाचार आधारित खेती की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बागवानी क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। अन्य वक्ताओं ने समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन एवं समन्वित कीट प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण देते हुए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने तथा स्वस्थ मृदा में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। इस सेमिनार में जिले के 100 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। समापन अवसर पर सत्य नारायण चौधरी, दिनेश कुमार तक्षक और अजय सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र, बैग और यात्रा भत्ता वितरित किया। सेमिनार ने किसानों को आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और नवाचार आधारित खेती की दिशा में एक नई ऊर्जा प्रदान की।
