टोंक की जिला स्पेशल टीम (DST) ने अलीगढ़ थाना इलाके के चोरू गांव में नशे के खिलाफ कार्रवाई की। यहां एक खेत में बिना लाइसेंस गांजे के 30 पौधे उगाए गए थे। मकान की तलाशी में बाइक की डिक्की से भी 2 किलो गांजा निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डीएसटी इंचार्ज ओमप्रकाश चौधरी ने शुक्रवार शाम को बताया- कार्रवाई गुरुवार को की गई। आरोपी पप्पू मीणा (40) पुत्र मूल्या मीणाा अलीगढ़ थाना इलाके के रजोदा गांव का रहने वाला है। जिस मकान पर छापेमारी की गई वह दयालदास का है। दयालदास के पास भांग का ठेका है। मकान के पास खेत भी दयालदास का ही है। उसके यहां पप्पू सेल्समैन का काम करता है। भांग का ठेकेदार मास्टरमाइंड अवैध नशे के कारोबार की सूचना पर टीम दयालदास के मकान पर पहुंची थी। जहां सेल्समैन पप्पू मीणा बाइक पर कहीं निकलने की तैयारी में था। उसे रोककर बाइक की तलाशी ली तो उसमें 2 किलो गांजा निकला। मकान के पास दयालदास के खेत की जांच की तो वहां बिना लाइसेंस उगाए गांजे के 30 पौधे मिले। पुलिस ने पप्पू को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी दयालदास फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पौधों समेत गांजे का कुल वजन 4 किलो है। जिसकी बाजार कीमत करीब 3 लाख रुपए है। भांग के ठेके की आड़ में दयालदास और पप्पू मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे। आरोपी के मकान से गांजा, पौधे, बाइक और इलेक्ट्रॉनिक कांटा जब्त किया है। डीएसटी इंचार्ज ने बताया- आरोपी काफी समय से अपने खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती करता था। पकने पर गांजे के छोटे पैकेट बनाकर अलग-अलग जगह बेचता था। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।
