देश में बैंकिंग सेवाओं को लेकर पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों पर बहस तेज हो गई है। बचत खातों में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब लोकसभा की याचिका समिति ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि पिछले पांच साल में बैंकों ने ग्राहकों से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है। समिति ने इस नियम को खत्म करने की सिफारिश की है।
