भास्कर न्यूज | भरतपुर वैर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ग्राम उमरैड़ निवासी विजयसिंह पुत्र मोहनलाल जाटव ने वैर थानाधिकारी और रीडर सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराया। घटना गत 17 सितम्बर की सुबह करीब आठ बजे की है। विजयसिंह अपने खेत की ओर जा रहा था। रास्ते में गांव के ही अमरसिंह, विनोद और विष्णु पुत्रान लालाराम ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और मां-बहन की गालियां देते हुए लात-घूसों और डंडों से हमला कर दिया। अमरसिंह ने उसकी कमर पर डंडा मारा, जबकि विनोद और विष्णु ने उसके कान और मुंह पर घूंसे जड़े। मारपीट और शोर-शराबा सुनकर उसका बेटा विवेक, भाई रामगोपाल और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कराया। घायल विजयसिंह उसी दिन रिपोर्ट दर्ज कराने वैर थाने पहुंचा। लेकिन उसका आरोप है कि थानाधिकारी नरेन्द्र सिंह राजावत और थाने में कार्यरत रीडर अमरसिंह ने न केवल उसकी तहरीर दर्ज करने से इनकार किया बल्कि उसे धक्के देकर थाने से बाहर निकाल दिया। इसके बाद विजयसिंह ने 18 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर 25 नवंबर को वैर थाने में थानाधिकारी और रीडर सहित पांचों आरोपियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
