कोटा ग्रामीण जिले के कैथून थाना क्षेत्र में बिना उच्चाधिकारियों को बताए कार्रवाई करने गए तीन पुलिसकर्मियों को एसपी सुजीत शंकर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बुधवार देर रात घटी घटना के बाद की गई, जब तीनों जवान जुआ-सट्टा पकड़ने की सूचना पर गांव रामपुरखेड़ा पहुंचे थे और वहां ग्रामीणों से कहासुनी व मारपीट की स्थिति बन गई थी। कैथून थाने में पदस्थ कॉन्स्टेबल चतुर्भुज, अशोक और मुकेश बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे मुखबिर की सूचना पर अपने स्तर पर कार्रवाई करने निकल गए थे। इन तीनों ने इस दौरान न तो थानाधिकारी और न ही किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को इसकी सूचना दी। बताया जा रहा है कि जब पुलिसकर्मी गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने अचानक पुलिस को देखकर विरोध शुरू कर दिया। जिस घर के पास जुआ-सट्टा होने की बात कही गई थी, वहां कुछ नहीं मिला। इस पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गई। स्थिति बिगड़ने पर कैथून थाने के डीओ मौके पर पुलिस बल लेकर पहुंचे और विवाद शांत करवाया। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने स्थानीय नेताओं के माध्यम से एसपी कोटा ग्रामीण को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुजीत शंकर ने तत्काल कॉन्स्टेबल चतुर्भुज, अशोक और मुकेश को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि बिना अनुमति रात में कार्रवाई करना और इससे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाना गंभीर अनुशासनहीनता है। इस पूरे प्रकरण की जांच डिप्टी एसपी राजेन्द्र कुमार ढाका को सौंपी गई है।
