कोटा में जैन समाज के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625वीं जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। सकल जैन समाज समिति में शामिल दिगंबर एवं श्वेताम्बर जैन समाज की ओर से 29 मार्च को साढ़े 7 बजे से सामूहिक रूप से अहिंसा पदयात्रा के साथ दो दिवसीय आयोजन का आगाज होगा। महावीर नगर प्रथम स्थित दिगंबर जैन लाल मंदिर से हजारों पदयात्रियों के साथ पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें शामिल पुरुष सफेद वस्त्र एवं महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर हिस्सा लेंगे। 30 मार्च को निकालेंगे शोभायात्रा वहीं 30 मार्च को रामपुरा से विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो आर्य समाज रोड, अग्रसेन बाजार होती हुई मुख्य आयोजन स्थल दशहरा मैदान तक पहुंचेगी। शोभायात्रा में रथ पर भगवान श्री महावीर स्वामी की प्रतिमा को विराजित किया जाएगा। रथ को श्रद्धालु खींचकर चलाएंगे। दशहरा मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें शहर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में पांच प्रमुख हस्तियों और सामाजिक सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों का सम्मान होगा। इधर, नवमी पर मथुराधीश मंदिर पर होंगे पंचामृत दर्शन वहीं शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर, पाटनपोल पर श्रीराम नवमी शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिर में शालिग्राम के पंचामृत दर्शन होंगे। प्रथम पीठ युवराज मिलन बावा ने बताया- पुष्टिमार्ग में भगवान विष्णु के चार अवतारों श्रीकृष्ण, श्रीराम, श्रीनृसिंह एवं श्रीवामन को विशेष मान्यता दी गई है। इसलिए इन चारों जयंती उत्सवों को पुष्टिमार्ग में पुष्टिलीला के रूप में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। शयन के दर्शन आगामी कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी तक के लिए बंद रहेंगे। श्रीराम नवमी पर राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवानुकूल समय पर खुलेंगे। श्रीराम नवमी के अवसर पर मंगला के दर्शन सुबह 6:30 बजे से समय अवधि तक खुलेंगे। इस दिन ग्वाल के दर्शन नहीं खुलेंगे। राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवा अनुकूल समय पर होंगे। शाम को उत्थापन के दर्शन 4 बजे से होंगे। जबकि भोग-आरती के दर्शन शाम 5 से 5:30 बजे के बीच सेवा अनुकूल समय पर किए जा सकेंगे।
