कोटा की भामाशाह मंडी में गेहूं बेचने आया एक किसान अचेत होकर गिर गया। उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आए हैं। परिजनों ने बताया- शुरुआती जांच के अनुसार हार्ट अटैक से मौत हो सकती है। किसान हंसराज वैष्णव (54) झाड़आमली गांव के रहने वाले थे। वे किराए से जमीन लेकर खेती करते थे। किसान हंसराज बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे मंडी के यार्ड में नीलामी में खड़े थे। अचानक अचेत होकर यार्ड में रखी बोरियों पर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और अस्पताल भेजा। किसान हंसराज के भांजे प्रवीण ने बताया- हाल ही हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल गिर गई थी। मंडी में मामा के गेहूं की रेट कम बताई। संभवतया तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी। इस बार 12 बीघा जमीन पर की थी गेहूं की फसल भांजे प्रवीण ने बताया- मामा हंसराज की 2-4 बीघा जमीन है। वे किराए (लीज) से जमीन लेकर खेती करते हैं। इस बार 10-12 बीघा जमीन किराए से लेकर गेहूं की फसल की थी। हाल ही हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल गिर गई थी। बुधवार तड़के 4 बजे मामा पिकअप लेकर गेहूं बेचने मंडी के लिए रवाना हुए। वहां बेहोश होकर गिरने की किसी ने हमें मोबाइल से सूचना दी। मामा को कोई बीमारी नहीं थी। पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब होने से 8 लाख था कर्ज भांजे प्रवीण ने बताया- मामा हंसराज की पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी। उनके ऊपर करीब 8 लाख रुपए का कर्ज था। अभी तीन महीने पहले ही मुझसे 50 हजार रुपए उधार लिए थे। फसल खराबे से वे काफी परेशान थे। बेटे अजय ने बताया- पिता सुबह चाय पीकर मंडी के लिए निकले थे। दोपहर 12 बजे उनकी मौत की सूचना मिली। पिता कर्ज लेकर खेती करते थे। उधार दिए रुपए कई लोग मांगते थे। पुलिस ने कहा- पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगा मौत का कारण अनंतपुरा थाना ASI धमंडी लाल ने बताया- किसान गेहूं बेचने मंडी आया था। उसकी तबीयत खराब हुई तो वह लेट गया। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने तबीयत खराब होने से मौत होना बताया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण सामने आएंगे।