कोटा के इंदिरा विहार में ध्वस्त हुई बिल्डिंग मामले में नगर निगम ने एक्शन लिया है। निगम टीम ने गुरुवार को ध्वस्त इमारत के पास भवन सीज किए थे। आज से एक बिल्डिंग में अवैध निर्माण को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि इस भवन को सीज नहीं किया गया था। यहां बिल्डिंग को खाली करने का काम किया जा रहा था। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शनिवार रात इंदिरा विहार में बिल्डिंग गिर गई थी। आसपास के चार भवनों एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 और एस-68 को रविवार को नोटिस देकर दो दिन में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को एस-68 भवन के मालिक ने बिल्डिंग से सामान हटाना शुरू कर दिया था। निगम की टीम जब मौके पर पहुंची तो भूखण्ड संख्या एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 में कोई काम नहीं हो रहा था और न ही अवैध बिल्डिंग तोड़ी गई थी। ऐसे में इन्हें सीज कर दिया था, वहीं एस-68 को समय दिया गया था। शुक्रवार से वहां पर अवैध निर्माण को मजदूरों ने तोड़ना शुरू कर दिया है। जो बिल्डिंग सीज की गई है वह इसी शर्त पर खोली जाएगी कि भवन मालिक अपने अवैध निर्माण हटाएंगे। सीज खुलवाने के लिए भी उन्हें निगम में नियमानुसार राशि जमा करवानी होगी। आयुक्त मेहरा ने बताया कि सीज किए गए भवनों को उनके मालिकों द्वारा बिना अनुमति खोला जाता है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इस पर निगरानी के लिए क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारी को पाबंद किया गया है। अवैध निर्माणों का सर्व कर रहा निगम इधर, निगम की टीमें शहर में लगातार सर्वे और जांच कर रही हैं। अवैध निर्माणों का सर्वे किया जा रहा है। वहीं निगम के अग्निशमन अनुभाग की टीमों ने गुरूवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक इकाइयों, होटल, हॉस्टल, मैस, रेस्टोरेंट, बहुमंजिला इमारतों में अग्निसुरक्षा उपायों की जांच की जा रही है। अब तक करीब 300 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं।