कोटपूतली में सीमेंट प्लांट के खिलाफ NGT के आदेशों की पालना और पुनर्वास की मांग को लेकर जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना आज शाम को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। यह धरना पिछले सात दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और ग्रामीण शामिल थे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में अनशन भी शुरू किया था। कलेक्टर ऑफिस के आगे धरने पर बैठे आज सुबह सभी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धरना स्थल से उठकर सीधे कलेक्टर कार्यालय के सामने बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल और मुंडवार विधायक ललित यादव ने धरनार्थियों से बात कर उन्हें समझाया। एनजीटी के आदेश की पालना नहीं होने पर रोष ग्रामीणों का कहना था कि NGT के आदेशों का पालन न होने से वे लंबे समय से आक्रोशित हैं और उनकी मुख्य मांग पुनर्वास की है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरना और अनशन समाप्त कर दिया गया। जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन एसडीएम योगेश देवल ने अनशन पर बैठे ग्रामीणों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि उनकी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि करीब 1301 दिनों से जारी उनका अनिश्चितकालीन धरना NGT के आदेशों की पूर्ण पालना और पुनर्वास की मांग पूरी होने तक आगे भी जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात धरना स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल कलेक्ट्रेट के सामने से धरना हटा लिया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।