कोटपूतली में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अपहरण जैसी संगीन वारदातें अब आम होती जा रही हैं। महज चार दिन में दूसरी अपहरण की घटना ने न सिर्फ आमजन को दहशत में डाल दिया है, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार रात करीब 8.30 बजे कोटपूतली शहर उस समय सन्न रह गया, जब हाइवे स्थित डेंटल कॉलेज के पास खेमजी मोटर्स कार्यालय में घुसकर बदमाशों ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भीम सिंह शेखावत का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया। 7-8 कारों में सवार बदमाश अचानक कार्यालय पहुंचे, जमकर तोड़फोड़ की और व्यवसायी को जबरन गाड़ियों में डालकर फरार हो गए। पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी मौके से गायब हो चुके थे। कानून-व्यवस्था पर सवाल कोटपूतली थाना पुलिस हरकत में आई और नाकाबंदी करवाई। तकनीकी संसाधनों की मदद से तलाश शुरू की गई, जिसके कुछ समय बाद पीड़ित व्यवसायी को ग्राम मोरदा क्षेत्र के पास बरामद कर लिया गया। पीड़ित भीम सिंह शेखावत, मूल रूप से दारापुर गांव (राजनोता क्षेत्र) के निवासी हैं और कोटपूतली में खेमजी मोटर्स के नाम से ट्रांसपोर्ट कार्यालय संचालित करते हैं। पीड़ित की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में तीन लोगों को नामजद किया गया है। इनमें पूर्व मुनीम विक्रम स्वामी निवासी ग्राम भूरी भड़ाज तथा दो सगे भाई सीताराम और इंद्राज, निवासी ग्राम कराणा शामिल हैं। आरोपी छत्तीसगढ़ में पीड़ित की गाड़ियों का संचालन संभालते थे और आपसी लेन-देन को लेकर करीब 18 लाख रुपए का विवाद चल रहा था। गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार सुबह डाबला रोड स्थित आर.के. विहार कॉलोनी से 65 वर्षीय प्रॉपर्टी व्यवसायी कैलाश विजयवर्गीय के अपहरण की घटना सामने आई थी। चार दिन बीत जाने के बावजूद उस मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। मानसरोवर कार-स्कूल वैन हादसा; बच्चों पर जिम्मेदार आंखें बंद क्यों किए हैं?