कपिल कुमार | जालंधर कैंट बोर्ड प्रशासन ने क्षेत्र में स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रुल्स 2016 के हिसाब से हर यूनिट के लिए फीस तय की है। इसके तहत गेस्ट हाउस, धर्मशाला और बड़ेॉमर्शियल ऑफिस जैसे बैंक, इंश्योरेंस ऑफिस को हर महीने 2000 रुपए देने होंगे। वहीं 50 वर्ग मीटर से छोटे घरों के लिए यह फीस 50 तो 50 से 200 वर्ग मीटर तक के लिए 100 रुपए होगी। वहीं, 200 वर्ग मीटर से बड़े घरों के लिए फीस 200 रुपए प्रस्तावित है। इसी तरह से ढाबा, स्वीट शॉप और छोटे ऑफिसों के लिए 500 रुपए, 50 सीटर वाले साधारण होटल और रेस्टोरेंट के लिए 2,000 रुपए, थ्री-स्टार होटल के लिए 3,000 रुपए और उससे ऊपर की श्रेणी के लिए 5,000 रुपए फीस होगी। क्लीनिक और लेबोरेटरी के लिए फीस 2,000 रुपए, जबकि 50 बेड से अधिक वाले अस्पतालों के लिए फीस 4,000 रुपए रहेगी। वहीं गंदगी फैलाने पर जुर्माना भी वसूला जाएगा। हालांकि केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय ने इस नए नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है, लेकिन हाल ही में हुई कैंट बोर्ड की बैठक में फिलहाल यह मुद्दा पेंडिंग है। कैंट बोर्ड के सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला का कहना है कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने गलत तरीके से जनता पर शुल्क लगाने की तैयारी की है। बोर्ड ने तथ्य वेबसाइट पर अपलोड तक नहीं किए हैं, और लागू करने का प्रयास किया। बोर्ड ने विज्ञापन के माध्यम से आपत्ति दर्ज करने का समय दिया, लेकिन इसमें फीस भी नहीं दर्शायी गई।विज्ञापन में दर्ज आपत्ति किस ब्रांच में जमा कराई जानी है, ये भी जानकारी नहीं दी थी। इसलिए बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पेंडिंग कर दिया है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य शहर में कचरे के सही निपटान को सुनिश्चित करना है। अब आवासीय इकाइयों से लेकर कॉमर्शियल हब तक, हर किसी को कचरा प्रबंधन में सहयोग देना होगा। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है या कचरा मिक्स करके देता है, तो उसे भारी जुर्माना और निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा।