जयपुर के टोंक रोड स्थित होटल रेडिसन ब्लू में शुक्रवार को पारंपरिक अंदाज में केक मिक्सिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, होटल गेस्ट्स, फैमिलीज और बच्चों ने इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह के साथ ही क्रिसमस फेस्टिविटी का उल्लासपूर्ण आगाज हुआ। इस आयोजन की सबसे खास झलक बच्चों का केक मिक्सिंग सेशन रही, जिसमें छोटे बच्चों ने तरह-तरह के ड्राई फ्रूट्स, नट्स और फ्लेवर्ड जूस मिलाकर पारंपरिक यूरोपीय रस्म को नए अंदाज में मनाया। जब सांता क्लॉज की एंट्री इवेंट में हुई तब माहौल उत्सवमय नजर आया। सांता ने बच्चों के साथ नाचते-गाते हुए खूब मस्ती की। कार्यक्रम का सफल संचालन होटल के मालिक मुकेश गुरनानी और ज्योति गुरनानी के नेतृत्व में हुआ। इस मौके पर मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव भावेश गुरनानी ने मेहमानों का स्वागत किया।
गार्डन एरिया में सेंट जोसेफ स्कूल के बच्चों ने लाइव बैंड पर क्रिसमस कैरल्स पेश किए, जबकि हैंडवियर्ड एंटरटेनमेंट के गायक अदिवित्या ने अपने संगीत से शाम को यादगार बना दिया। होटल के बैंक्वेट एरिया को क्रिसमस थीम पर सजाया गया था, जहां रोशनी, ग्लिटरिंग सजावट और खुशियों का माहौल छाया रहा। होटल रेडिसन ब्लू के जनरल मैनेजर शितिज चावला ने बताया कि केक मिक्सिंग सेरेमनी की शुरुआत यूरोप में सैकड़ों साल पहले हुई थी, जब लोग सर्दियों के आगमन पर एक साथ मिलकर सूखे मेवे, किशमिश, खजूर और नट्स को वाइन या ब्रांडी में भिगोते थे, ताकि क्रिसमस पर स्वादिष्ट प्लम केक बनाया जा सके। यह रस्म सिर्फ पकवान का हिस्सा नहीं, बल्कि परिवार और समुदाय के एक साथ आने का प्रतीक रही है। आज भारत में यह परंपरा खुशी और मिलन के त्योहार के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने आगे कहा कि रेडिसन ब्लू में हर साल इस समारोह को हम एक कम्युनिटी सेलिब्रेशन की तरह आयोजित करते हैं, जहां हमारे गेस्ट, शहर के लोग और बच्चे एक साथ मिलकर इस खुशियों की शुरुआत करते हैं। यह सिर्फ केक की तैयारी नहीं, बल्कि रिश्तों की मिठास का जश्न है। एक्जीक्यूटिव शेफ गुलशन कुमार ने बताया कि केक मिक्सिंग का यह मिश्रण कई हफ्तों तक रखा जाता है ताकि इसमें डाले गए फल और नट्स अच्छी तरह से फ्लेवर सोख लें। क्रिसमस से पहले इन्हीं सामग्रियों से पारंपरिक फ्रूट केक तैयार किया जाता है, जो दुनिया भर में फेस्टिव स्वीटनेस का प्रतीक माना जाता है। इस प्रक्रिया में जो सुगंध, रंग और स्वाद बनता है, वही इसे खास बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में अब यह परंपरा होटलों, स्कूलों और कॉर्पोरेट आयोजनों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इसमें फैमिली, गेस्ट्स और बच्चों की भागीदारी इसे और भी खास बना देती है। यह त्योहारों के मौसम की शुरुआत को सकारात्मक और खुशनुमा बना देता है।
