जयपुर में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- हमारे सरकारी स्कूलों के टीचर बहुत मेहनत से काम कर रहे हैं। खासतौर पर फिजिकल और साइंस के टीचर बहुत मेहनत से लगे हुए हैं। आज सबसे बड़ी आवश्यकता है, वह टीचर को सम्मान देने की है। मैं जनप्रतिनिधियों से भी यह कहना चाहता हूं कि अगर टीचर आपके यहां आ भी जाए तो उसका काम करो या मत करो। लेकिन उसे सम्मान के साथ बैठाओ। उन्होंने कहा- आने वाले लोगों को यह लगना चाहिए कि अगर टीचर किसी नेता के घर जाता है तो उसको बैठने की अलग से जगह मिलती है। शिक्षक का अगर सम्मान करेंगे तो शिक्षा क्षेत्र की 90 प्रतिशत समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी। क्योंकि टीचर ही देश की शिक्षा को मजबूत करके नए प्रयोग को खड़ा कर सकता है। केंद्रीय मंत्री यादव बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में आयोजित शिक्षा क्षेत्र में अवसर, निवेश व चुनौतियों पर आयोजित विशेष सत्र में संबोधित कर रहे थे। स्टूडेंट्स को केवल प्रोडेक्ट नहीं बना सकते
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- चरित्र निर्माण और व्यक्तिगत विकास पर ही प्रारंभिक शिक्षा होनी चाहिए। इन दोनों चीजों के बिना कितना ही डिजिटल टेक्नोलॉजी अपना ली जाए, जब तक रॉ मैटेरियल अच्छा नहीं होगा तो खाली टेक्नोलॉजी उसका विकास नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा- हम सभी स्टूडेंट्स को केवल एक प्रोडक्ट नहीं बना सकते हैं। सबको कोचिंग शिक्षा में बांधकर नहीं रखा जा सकता है। हमें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को खोलना होगा और मैं हमेशा कहता हूं, हमें विद्यार्थी को प्रोडक्ट बनाने की वजह पर्सनैलिटी बनाने पर जोर देना होगा। तभी हम लीडरशिप वाले विद्यार्थियों को तैयार कर पाएंगे। प्रदेश में पहली बार स्कूलों का एक साथ कायाकल्प हुआ
सेशन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- हमने शिक्षा क्षेत्र का अभूतपूर्व विस्तार किया है, जो ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की नींव तैयार कर रहा है। दो साल में हमने 71 नए राजकीय महाविद्यालय और 21 नए राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले हैं। 177 नए कॉलेज भवनों का लोकार्पण किया है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में व्यापक स्तर पर रोशनी, रंग-रोगन, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों का एक साथ कायाकल्प किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, विज्ञान-गणित किट का वितरण और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा- हमारी मंशा है कि प्रवासी राजस्थानी निवेश अनुकूल वातावरण का लाभ उठाएं। साथ ही अपने पैतृक गांवों में शिक्षा के आधारभूत ढांचे के विकास में भी सहयोग करें।
