मंगलवार को पंत कृषि भवन में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल और आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी चिन्मयी गोपाल ने की। शासन सचिव राजन विशाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य में कृषि विकास की गति बनाए रखने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय कृषि पद्धतियों के विस्तार पर जोर दिया। खरीफ 2025 में 2 करोड़ 16 लाख पॉलिसियां अकेले राजस्थान की विशाल ने बताया कि खरीफ 2025 में देशभर में 8 करोड़ 71 लाख फसल बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। इनमें से 2 करोड़ 16 लाख पॉलिसियां अकेले राजस्थान की हैं, जो कुल का लगभग 25 प्रतिशत है। उन्होंने किसानों को फसल बीमा के प्रति जागरूक करने के लिए सभी जिला अधिकारियों की सराहना की। उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही हैं। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों की पहचान कर पूरे प्रदेश में प्राथमिकता और पारदर्शिता के साथ उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। विशाल ने अधिकारियों को उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। ‘कृषि ज्ञानधारा 2.0’ कार्यक्रम पर भी चर्चा शासन सचिव ने ‘कृषि ज्ञानधारा 2.0’ कार्यक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि में ज्ञान का महत्व बहुत अधिक है और यह कार्यक्रम किसानों को फसलों की जानकारी देकर उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। ‘कृषि ज्ञानधारा 2.0’ के तहत, हर बुधवार को ग्राम स्तर पर किसानों को विषय विशेषज्ञों द्वारा उन्नत और नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाती है। बजट घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी चिन्मयी गोपाल ने बजट घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र किसानों को लाभान्वित किया जाए, ताकि वे विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी उपज और आय बढ़ा सकें। बैठक में वर्ष 2025-26 में संचालित विभिन्न डीबीटी योजनाओं जैसे डिग्गी, फॉर्म पॉण्ड, पाइपलाइन, तारबंदी, कृषि यंत्र, गोवर्धन जैविक योजना, भूमिहीन कृषकों को कृषि यंत्रों पर अनुदान, बैलों से खेती और कस्टम हायरिंग केंद्रों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति निर्धारित अवधि में सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। सीएसएस योजनाओं की वित्तीय प्रगति पर चर्चा समीक्षा के दौरान सीएसएस योजनाओं की वित्तीय प्रगति, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना आदि की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बीमा क्लेमों में आ रही दिक्कतों को दूर कर जल्द से जल्द बीमित कृषकों को क्लेम दिए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
चिन्मयी गोपाल ने कहा, राज्य में कृषि विकास की रफ्तार को बनाए रखने हेतु सभी अधिकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों की आय वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के सरंक्षण एवं स्थायी कृषि पद्धतियों के प्रसार पर विशेष बल दिया। ये रहे मौजूद बैठक में निदेशक आत्मा डॉ. सुवा लाल जाट, वित्तीय सलाहकार डॉ. होशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार), एस एस शेखावत, अतिरिक्त निदेशक कृषि (प्रशासन) डॉ. होशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल जाट, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) अजय कुमार पचौरी, समस्त खण्डीय अतिरिक्त निदेशक कृषि (वि.), समस्त संयुक्त निदेशक कृषि (वि) सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं योजना प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
