कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने यूरिया और डीएपी की किल्लत के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराया है। कुछ किसानों पर यूरिया ब्लैक मार्केट में बेचने का आरोप लगाया है। यूरिया-डीएपी किल्लत पर किरोड़ी ने कहा- दो तरह की समस्या है। एक तो कुछ ऐसे किसान हैं, जिनको 2 बैग की जरूरत है, लेकिन 10 लेगा, फिर 8 को ब्लैक करेगा। उन्होंने कहा- मेरी प्रतापगढ़ कलेक्टर से बात हुई। उनका यही कहना है कि है कि कोई मारामारी नहीं है, लेकिन कई किसान ऐसे हैं, जो फालतू बैग ले जाते हैं। आगे अपने हिसाब से बेच देते हैं। इसको हम नियंत्रित कर रहे हैं। किरोड़ी सचिवालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। किरोड़ी ने कहा- हमें केंद्र से यूरिया-डीएपी मिल रहा है, लेकिन जितनी आवश्यकता है उतना डिमांड के अनुसार अभी नहीं मिल रहा। लेकिन पिछली सरकारों में जितना मिला करता था, उससे ज्यादा मिल रहा है। हम रेगुलर इसे देख रहे हैं। जहां कमी है, उन जिलों में हम अधिकता वाले जिलों से डायवर्ट कर देते हैं। सीमावर्ती जिलों से दूसरे राज्यों में भी जाता है यूरिया
डॉ. किरोड़ी ने कहा- दो तरह की समस्या है, एक तो कुछ ऐसे किसान हैं, जिसको दो बैग की जरूरत है, लेगा 10 और आठ को करेगा ब्लैक। दूसरी समस्या यह है कि सीमावर्ती जिले हैं, वहां से भी बाहर यूरिया जाता है। उनमें मेवात, हनुमानगढ़, गंगानगर, फलोदी, जोधपुर, सिरोही, जालोर, पाली, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ बॉर्डर हो। यहां से पड़ोसी राज्यों में यूरिया जाता है। इसके लिए हमने चेक पोस्ट बना रखी है और वहां पुलिस भी लगा रखी है। कुछ इंडस्ट्रीज हैं उसमें भी कुछ छोटे-मोटे माफिया हैं
कृषि मंत्री ने कहा- तीसरी समस्या, कुछ इंडस्ट्रीज हैं। उसमें भी कुछ छोटे-मोटे माफिया हैं। वे यूरिया महंगे दामों पर बेचते हैं। यह कारण है। बाकी हमने सिस्टम व्यवस्थित कर रखा है। प्रतापगढ़ में लंबी लाइन लग रही है तो हमने कलेक्टर से बात की। उनका कहना है कि कोई मारामारी नहीं है। कई किसान ऐसे हैं, जो फालतू बैग ले जाते हैं। आगे अपने हिसाब से बेच देते हैं, इसको हम नियंत्रित कर रहे हैं। राजस्थान को कम मिल रहा यूरिया
किरोड़ी ने कहा- राजस्थान में अभी 4.40 लाख टन यूरिया की डिमांड है। इसमें से अब तक 90 हजार टन ही सप्लाई हुआ है। अभी भी 3.50 लाख टन की कमी है। अभी 2.59 लाख टन का स्टॉक है, जबकि पिछले साल 3.68 लाख का स्टॉक था, पिछले साल से 1.09 लाख टन की कमी है। यूरिया-डीएपी के लिए लाइनें लगीं, पिछले दिनों हनुमानगढ़ में लाठीचार्ज हुआ
प्रदेश में रबी की सीजन के दौरान कई जिलों से किसानों को यूरिया और डीएपी नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। प्रतापगढ़ जिले में कई जगह किसान लाइनों में लगे दिखाई दिए थे। किसानों ने यूरिया कम देने के आरोप लगाए। हनुमानगढ़ जिले में पिछले दिनों फर्टिलाइजर लेने आए किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
