जैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल प्रवासी पक्षी कुरजां (साइबेरियन क्रेन) का इलाज कारपेंटर की ड्रिल मशीन और वायर से किया है। कुत्ते के काटने से पक्षी के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए थे। इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था। ऐसे में, स्टील के तारों को कुरजां के पैरों में ड्रिल करके पिनें डाली गई ताकि हड्डियों को फिर से जोड़ा जा सके। अब 15 से 20 दिनों तक कुरजां को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा और इसके बाद वह फिर से उड़ान भर सकेगा। पढ़िए कुरजां के ऑपरेशन की रिपोर्ट ग्रामीणों को घायल मिला था कुरजां जैसलमेर के पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक के सीनियर डॉ. वासुदेव गर्ग ने बताया- सोमवार को ग्रामीणों को जैसलमेर के सडीया गांव के पास यह दुर्लभ पक्षी घायल मिला था। इसके बाद फॉरेस्ट गार्ड छोटूराम चौधरी, राजेंद्र पालीवाल और देवी सिंह ने पक्षी को रेस्क्यू किया। पक्षी के दोनों पैर पूरी तरह टूट चुके थे और वह चलने में असमर्थ था। टीम ने बिना समय गंवाए इसे तत्काल जैसलमेर वेटरनरी पॉलीक्लिनिक पहुंचाया। देखने से लग रहा था कि पक्षी पर किसी जानवर या कुत्ते ने हमला किया है। अब सबसे बड़ी समस्या ये थी कि हमारे पास अन्य पक्षियों की ऑर्थो सर्जरी के संसाधन थे, लेकिन कुरजां के लिए संसाधन नहीं था। कुरजां के पैरों की हड्डियां अंदर से खोखली होती है। ड्रिलिंग मशीन और SS वायर मंगवाए डॉ. वासुदेव गर्ग ने बताया- कुरजां के दोनों पैरों की हड्डियां कई जगहों से टूट (मल्टीपल फ्रैक्चर) चुकी थीं। ऐसे में सामान्य इलाज से उसके दोबारा खड़े होने या उड़ने की संभावना शून्य थी। ऐसे में बेहद नाजुक तरीके से इसका इलाज करना जरूरी था और इलाज में देरी नहीं कर सकते थे। इसके बाद एक कारपेंटर से ड्रिलिंग मशीन मंगवाई गई और स्टेनलेस स्टील (SS) वायर मंगवाए गए। 15 दिन ऑब्जर्वेशन में रहेगा कुरजां 1 घंटे चले इस ऑपरेशन में ड्रिलिंग मशीन से छेद कर पिन खोखली हड्डियों में डाली गई। इस ऑपरेशन में ‘इंट्रामेडुलरी पिनिंग’ तकनीक का उपयोग किया। टूटी हुई हड्डियों को आपस में जोड़ने और उन्हें सपोर्ट देने के लिए स्टील के वायर और पिनों का जुगाड़ तैयार किया गया। डॉ. वासुदेव गर्ग ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा है, लेकिन अभी जोखिम टला नहीं है। पक्षी को अगले 15 दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। इस दौरान उसका डेली चेकअप होगा और घावों की ड्रेसिंग की जाएगी। डॉक्टरों को उम्मीद है कि 15 दिन बाद कुरजां अपने पैरों पर वजन उठाने और चलने के लायक हो जाएगी।