जोधपुर में किसान की मौत के बाद हास्पिटल के बिल को लेकर विवाद हो गया। हॉस्पिटल अधीक्षक का आरोप है कि बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूडिया ने स्टाफ को थप्पड़ मार दिया। वहीं बूड़िया का कहना है कि स्टाफ ने 1 लाख रुपए देने पर ही शव देने की बात कही थी। स्टाफ ने उनकी गाड़ी तक आकर मारपीट की। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। मामला बासनी थाना इलाके के मेडिप्लस हॉस्पिटल का रविवार रात 8 बजे का है। घटना के बाद बिश्नोई समाज के लोग सोमवार सुबह से धरने पर बैठे हैं। दोपहर करीब एक बजे समाज के लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे। उनका कहना है कि हॉस्पिटल स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़िए, क्या है मामला भोजाकोर के रहने वाले किसान सुखराम बिश्नोई (70) को रविवार सुबह तबीयत खराब होने पर परिजन मेडिप्लस हॉस्पिटल लेकर आए थे। परिजनों को हॉस्पिटल स्टाफ की ओर से 12 हजार रुपए जमा करवाने और बाकी खर्च इलाज स्कीम में होने का कहा गया। इसके बाद इलाज शुरू किया गया। इस दौरान किसान की मौत हो गई। बिश्नोई समाज और हॉस्पिटल स्टाफ ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप 1- शव देने के लिए परिवार से मांगे 1 लाख रुपए देवेंद्र बूड़िया ने कहा कि मैं किसान सुखराम की मौत की सूचना पर रात 11 बजे हॉस्पिटल पहुंचा। इस पर परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ ने कहा- 1 लाख रुपए जमा कराओ तभी शव देंगे। जब स्टाफ से पूछा गया कि पैसों के लिए बॉडी को क्यों रोका गया। तब वहां के स्टाफ और सिक्योरिटी इंचार्ज ने बदतमीजी की। सिक्योरिटी इंचार्ज ने कहा कि ऐसे कई लोग आए हैं, मैं आपका भी इलाज कर दूंगा। बूड़िया ने कहा- मैं हॉस्पिटल से निकलने लगा तो मुझे गालियां दी गईं। मेरी गाड़ी तक लोग आए थार का गेट तेजी से बंद कर दिया। इससे मुझे चोट लग गई। 2- हॉस्पिटल स्टाफ पर मारपीट का लगाया आरोप बूड़िया के साथ आए दिनेश ने कहा कि हॉस्पिटल प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान की मौत हुई है। हॉस्पिटल स्टाफ ने मरीज की जानकारी होने से भी मना कर दिया। विरोध करने पर थोड़ी देर बैठने को कहने लगे। हम अपनी गाड़ी के पास आ गए। इस बीच कई लड़के आ गए और मारपीट करने लगे। उन्होंने गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। दिनेश ने आरोप लगाया कि ये सभी हॉस्पिटल के पाले हुए गुंडे है, जो सुरक्षा देने के नाम पर गुंडागर्दी करते हैं। समाज के साथ मारपीट के देखें, PHOTOS हॉस्पिटल अधीक्षक बोले- हमारे स्टाफकर्मी को मारा थप्पड़ मेडिप्लस के अधीक्षक डॉ. बख्तावर सिंह ने बताया कि किसान की तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल लाया गया था। जांच में हार्टअटैक आना पाया गया। रविवार सुबह 10 बजे के करीब डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी कर दी थी। इसके बाद मरीज ठीक था। इस बीच वापस अटैक आ गया और शाम 7 बजे मौत हो गई थी। तब मरीज के रिश्तेदार ने कहा कि शव को रात में हॉस्पिटल में ही रखवाना है। शव को मॉच्यूरी में रखवाया गया था। हॉस्पिटल की तरफ से किसान के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। हमारे डॉक्टरों ने टाइम पर इलाज दिया। हार्ट अटैक तो किसी को भी आ सकता है। पैसों को लेकर स्टॉफ से क्या बात हुई, इसकी जानकारी ली जाएगी।
