किशनगढ़ शहर थाना पुलिस ने मंगलवार देर शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊंट के 26 बच्चों की तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर ठूंस-ठूंसकर भरे गए ऊंट के बच्चों को बरामद किया और मौके से चार तस्करों को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी बन्नालाल जाट ने बताया कि 2 दिसंबर की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि नसीराबाद की ओर से एक ट्रक ऊंट के बच्चों को लेकर किशनगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना के आधार पर नगरपालिका सीवरेज प्लांट के पास एनएच-48 पर नाकाबंदी की गई। कुछ ही देर में ट्रक नंबर RJ 14 GF 5943 को रोका गया। ट्रक में पैर बांध कर ठूंसा हुआ था पुलिस टीम ने जब ट्रक का दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। ट्रक में 26 ऊंट के बच्चों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसकर भरा गया था। सभी के पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। कई बच्चों के शरीर और सिर पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे, जिससे उनके साथ क्रूरता की आशंका जाहिर हुई। चार तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ में खुलासा ट्रक में मौजूद चारों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। आरोपियों की पहचान साबिर, जामु, जुबेर और मुस्तफा के रूप में हुई, जो हरियाणा के नूंह और अलवर जिले के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऊंट के बच्चों को अहमदाबाद से लोड कर जोधपुर ले जा रहे थे, जहां उन्हें आगे तस्करी के लिए बेचने की योजना थी। बरामद सभी ऊंट के बच्चों का पशु चिकित्सकों से मेडिकल मुआयना कराया गया, इसके बाद उन्हें सुरक्षित देखरेख के लिए श्रीराम गौशाला सिलोरा में अस्थायी रूप से सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि उनका उचित इलाज और देखभाल सुनिश्चित हो सके। राजस्थान ऊंट अधिनियम में दर्ज हुआ केस पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाने में राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रवर्जन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 2015 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अंतर्गत कठोर दंड का प्रावधान है। पुलिस ने कार्रवाई में तस्करी में प्रयुक्त ट्रक के साथ बच्चों के पैर बांधने में इस्तेमाल की गई 105 रस्सियां भी जब्त की हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मामला किसी बड़े संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब आरोपियों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इस्तेमाल किए गए तस्करी मार्गों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
