किशनगढ़बास में जमीन विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत हिंसक हो गई। आरोपी पक्ष ने लाठियों और फरसों से हमला कर दिया। इस घटना में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया। मामला नांगल मौजिया गांव में शनिवार शाम का है। थानाधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस आरोपी पक्ष की तलाश कर रही है। इस मामले में एक पक्ष की ओर से हसन मोहम्मद पुत्र अब्दुल करीम ने पुलिस को बताया- उनका नूरदीन परिवार से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार शाम करीब चार बजे गांव में पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के दौरान नूरदीन के वारिसों, जिनमें साहुन, शाहरूख, सहरून-खैरून उर्फ साहिल, खुशी, मुहीन और अदिल शामिल थे, ने पंच सदस्यों से अभद्रता की और गालियां दीं। इससे माहौल बिगड़ गया और पंच सदस्य वहां से चले गए। ‘गालियों का विरोध किया, तो फरसे से किया हमला’ हसन मोहम्मद बताया, जब उन्होंने और उनके भाइयों ने इस व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपी पक्ष ने पहले से छिपाकर रखी लाठियां और फरसे निकाल लिए। साहुन, शाहरूख, अदिल और अन्य वारिसों ने उनके बड़े भाई सुबे मोहम्मद पर हमला कर दिया। फरसे के वार से सुबे के सिर में गंभीर चोट आई। जब छोटे भाई असलम बचाव के लिए आगे बढ़े, तो साहुन, सहरून, खुशी और खैरून ने उन पर भी फरसे और लाठियों से हमला किया, जिससे वे भी घायल हो गए। दो सगे भाई गंभीर हालत में अलवर रेफर दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अलवर रेफर कर दिया। हसन मोहम्मद ने किशनगढ़बास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और जान से मारने की नीयत से किया गया था। थानाधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस आरोपी पक्ष की तलाश कर रही है।
