अजमेर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- समरावता कांड में गिरफ्तार बच्चों से जेल में मिलने गया तो मुझे डांट पड़ी थी। तब मुझे कहा गया कि मंत्री रहते हुए आपको अपराधियों से नहीं मिलना चाहिए। मैंने कहा- ऐसे संकट की घड़ी में समाज के भाई-बहनों को जाकर नहीं संभाला तो उससे बड़ा कोई पाप नहीं होगा। किरोड़ी ने कहा- मैं इस बात का पूरा भरोसा दे रहा हूं, कभी भी कोई काम पड़ जाए तो उसमें न दल देखूंगा न क्षेत्र देखूंगा, आपकी सेवा में सदा तैयार रहूंगा। उन्होंने आगे कहा- आजकल की राजनीति कॉमर्शियल हो गई है। लोग धंधा करने के लिए राजनीति में आ रहे हैं, लेकिन मेरा भाव सेवा करने का है। उन्होंने कहा- अजमेर में मुझे बुलाया और मेरा जोरदार स्वागत किया। यहां बहन-बेटियों ने नाचने पर मजबूर कर दिया। मनचले नचा ही देते हैं और जिसमें लुगड़ी वाली मिल जाती है तो मेरा भी मन दौड़ता है इसलिए नाच लेते हैं। यह हमारी संस्कृति और परंपरा है। यह जिंदा रहनी चाहिए। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कही ये 7 बड़ी बातें 1. वसुंधरा ने पार्टी से निकाला, आज दोनों एक पार्टी में हैं
किरोड़ी ने कहा- मेरा पार्टी ने एक बार टिकट काट दिया था। लोगों ने कहा- कांग्रेस में जाते तो कुछ बन जाते। लेकिन मैं छोटी उम्र से RSS का स्वयंसेवक रहा। कॉलेज में पढ़ने के दौरान इमरजेंसी लगी थी। तब संघ पर प्रतिबंध लगा दिया और बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया था। मुझे भी जेल में डाल दिया गया था। तब से आज तक पार्टी के साथ लगा रहा। कितना परिश्रम किया, मेहनत की, चुनाव जीते और हारे। हर विपरीत परिस्थिति में मेरे भाई-बहनों ने मेरी मदद की, जिसके कारण आज भी राजनीति में जिंदा हूं। उस समय वसुंधरा राजे ने पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन आज हम दोनों फिर से एक ही पार्टी में हैं। टिकट भी काट दिया था, तब लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए कहा था। चुनाव लड़ा और जीत गया। राजस्थान के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि 2009 में दौसा से चुनाव लड़ा तब चुनाव आयोग ने चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात कर दी। आसमान में हवाई जहाज और ड्रोन तैनात कर दिए, लेकिन दौसा की जनता ने किसी की परवाह नहीं की और मुझे सर्वाधिक मतों से निर्दलीय सांसद चुनकर भेजा। किरोड़ी ने आगे कहा- बीजेपी और कांग्रेस के जो नेता मेरे सामने लड़े थे, उन दोनों की जमानत जब्त करवा दी। राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं की जमानत जब्त हो जाए, इससे बड़ा काम नहीं हो सकता। यह आप सभी का बहुत बड़ा एहसान है। मैं पार्टी के एहसान को भी नहीं भूल सकता। 2. मेरे रहते कोई आरक्षण का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता
किरोड़ी ने कहा- कई बार बात आई कि प्रधानमंत्री मोदी आरक्षण को खत्म कर देंगे, लेकिन मैं अजमेर की सभा में बोल रहा हूं, जब तक डॉक्टर किरोड़ी लाल के तन में प्राण है, तब तक आपके आरक्षण का कोई भी कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। किरोड़ी ने कहा- उस समय 32 विधायक थे। सब ने यह तय किया कि हमारे आरक्षण के साथ किसी प्रकार का कुठाराघात होगा तो हम सब एकजुट होकर विरोध करेंगे। बीजेपी, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के साथियों ने पंचायत बुलाई थी। मुझे भरोसा दिलाया कि आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन जब चिट्ठी लिखने का समय आया और चिट्ठी दिल्ली जाने वाली थी, तो 32 में से 31 भाग गए। लेकिन किरोड़ी लाल ने सड़क पर उतरकर विरोध करने का काम किया था। 3. समरावता के लोगों से जेल में मिलने गया तो मुझे डांट पड़ी थी
किरोड़ी ने कहा- लोग कहते कि आपको कांग्रेस में रहना चाहिए था। लेकिन जिस कांग्रेस ने बुरे दिनों में मुझे जेल में डाल दिया। नाखून खींच लिए और मारा। बेहोश कर डाला, मेरा सारा शरीर जर्जर कर डाला, उस कांग्रेस में कैसे जाऊंगा। बिना राजनीति के रह सकता हूं, जिसने मेरे साथ घोर अपराध और घोर अपमान-अत्याचार किया, वहां नहीं जा सकता। समरावता हिंसा में जाकर लोगों को संभाला और जो बच्चे गिरफ्तार हुए उनसे जेल में जाकर मिला था। इस बात कि मुझे डांट पड़ी थी कि मंत्री रहते हुए आपको अपराधियों से नहीं मिलना चाहिए। तब मैंने कहा- ऐसे संकट की घड़ी में समाज के भाई बहनों को जाकर नहीं संभाला तो उससे बड़ा पाप नहीं होगा। डांट पड़ेगी तो पड़ जाएगी, मंत्री पद ही तो जाएगा और क्या होगा। 4. कांग्रेस राज में मुझे गिरफ्तार किया गया
किरोड़ी ने कहा- मैं 45 साल से राजनीति में हूं। कई चुनाव जीते-हारे और साथ में कई आंदोलन भी किए। अजमेर में भी पिछले राज में आया और RPSC में घुस गया। तभी RPSC अध्यक्ष को पकड़ा और कहा- ‘ए मिस्टर चेयरमैन, तुम्हारी नाक के नीचे पेपर लीक हो रहे हैं, यह नहीं चलेगा। किरोड़ी ने कहा- उस समय कांग्रेस की सरकार थी। पुलिस वाले मुझे उठाकर ले गए और गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मैंने सभी जातियों के लिए लड़ाई लड़ी और पेपर दोबारा करवाने के बाद ही उठा था। राज बदला और 63 थानेदार सहित RPSC के कई मेंबर को जेल में डाल दिया। किरोड़ी ने कहा- एक मेंबर बाबूलाल कटारा है। मैं उससे 20 दिन पहले मिलकर आया था। लोगों ने कहा कि आप मंत्री हो, आप जा नहीं सकते। मैं उससे यह पूछने गया था कि सब छूट गए, तो वह क्यों नहीं छूट रहा। तब कटारा ने कहा- मैं तो 1 करोड़ 60 लाख रुपए देकर मेंबर बना था। जिसने मुझे मेंबर बनाया, उसने अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ से मिलकर पेपर लीक करवाए थे। मैं मुख्यमंत्री से भी कहूंगा कि शिव सिंह राठौड़ के हाथों में भी हथकड़ी लगनी चाहिए, सिर्फ आदिवासी के हाथों में हथकड़ी डालने से काम नहीं चलेगा। शिव सिंह राठौड़ भी इसमें शामिल हैं। 5. देश में राजस्थान के कृषि मंत्री को सब जानते हैं
किरोड़ी ने कहा- मैं किसान का मंत्री हूं। अगर आपके चक्कर में गड़बड़ नहीं करता तो और भी कुछ बन जाता। लेकिन पद पाना मेरा लक्ष्य नहीं है। जनता की सेवा करना मेरा लक्ष्य है। पद तो बड़े-बड़े लेकर चलते हैं, लेकिन उनकी तो थानेदार भी नहीं सुनता। आजकल की राजनीति कॉमर्शियल हो गई है। लोग धंधा करने के लिए राजनीति में आ रहे हैं, लेकिन मेरा भाव सेवा करने का है। मुझे कृषि मंत्री का पद मिला, तो लोगों ने कहा- यह कोई मंत्री पद है क्या। लेकिन देश में कोई जानता है राजनीति में, तो राजस्थान के कृषि मंत्री को ही जानता है। कृषि मंत्रालय क्या होता है, यह डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने करके बता दिया। 6. माता-बहनें बच्चों में संस्कार डालने की यूनिवर्सिटी
किरोड़ी ने कहा- आजकल लड़कियां बहुत भाग रही हैं। कुछ दिन पहले एक लड़की भागी उसे बरामद करवाया था। तब मां-बाप को थाने बुलाया तो उसने उनको पहचानने से मना कर दिया। सभी बहन-बेटियों से कहूंगा कि बच्चों में जो गिरावट आ रही है, उसको संभाल कर रखना है। माता-बहनें ही बच्चों में असली संस्कार डालने की यूनिवर्सिटी है। उससे बड़ा कोई प्रोफेसर और वैज्ञानिक नहीं है। 7. बेनीवाल बात करेंगे तो मैं भी कर लूंगा
हनुमान बेनीवाल से चल रहे विवाद पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- मेरी उनसे अभी कोई बात नहीं हुई। परिवार का मामला है, हो जाता है। मैं गंभीरता से नहीं लेता, वह बात करेंगे तो मैं भी कर लूंगा।
