कांग्रेस विधायक रफीक खान के भ्रष्टाचार के आरोपों पर विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में जमकर नोकझोंक हुई। खान ने कहा कि- जयपुर में बिना पैसा कोई काम नहीं हो रहा। जयपुर शहर में छोटे मकान सील किए जा रहे हैं और बड़े बंगलों को छूट दी जा रही है। आरोपों पर भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आपत्ति जताई तो दोनों ओर के सदस्यों में नोकझोंक हो गई। इससे पहले कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने वेल में आकर की दौसा तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद बैरवा ने वेल में आकर नारेबाजी करने लगे तो स्पीकर ने नाराजगी जताई। विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों से जुड़े सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बीच भी बहस हुई। वहीं, भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अवैध खनन को लेकर अपनी ही सरकार को घेरा। प्रश्नकाल में सरकार ने स्पष्ट किया कि वो स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों को टोल फ्री नहीं करेगी। खनन माफिया को लेकर सवाल, टोल फ्री नहीं होंगे स्टेट हाईवे प्रदेश के स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को सरकार टोल फ्री नहीं करेगी। भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल के सवाल के जवाब में ये जानकारी दी। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि 14 मई 2018 को निजी हल्के वाहनों को स्टेट हाईवे से टोल मुक्त करने की अधिसूचना को 31 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने वापस ले लिया था। वहीं, भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अवैध खनन माफिया पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने वन विभाग के अफसरों पर अवैध खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाए। कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने वेल में आकर नारेबाजी की। उन्होंने दौसा तहसीदार को हटाने की मांग की। बैरवा के हंगामे से नाराज स्पीकर ने बैरवा को अनुशासन में रहने की हिदायत दी। बजट के बाद भी बड़ी घोषणाएं करने की परंपरा बजट बहस शुरू होने से पहले विधानसभा में कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग बीएसी के फैसलों का प्रतिवेदन पढ़कर सुनाएंगे। अगले सप्ताह डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट बहस का जवाब देंगी। बजट बहस का जवाब देते हुए भी कई बड़ी घोषणाएं करने की परंपरा रही है, ऐसे में उस समय कई घोषणाएं होने के आसार हैं। …. बजट का सार- ‘बिना घी का चूरमा’:323 करोड़ के जादुई पिटारे ने चौंकाया, हर वर्ग को लुभाया, जानिए क्यों नहीं की 1 लाख भर्तियों की घोषणा