कांग्रेस नेता परगट सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार जनता के हकों का पैसा अपनी राजनीतिक रैलियों पर बर्बाद कर रही है। उन्होंने बताया कि एक तरफ सरकारी बसों का इस्तेमाल रैलियों के लिए हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ रोडवेज कर्मचारियों को तनख्वाह और पेंशन तक नहीं मिल रही है। परगट सिंह ने इसे शासन नहीं, बल्कि पंजाब के संसाधनों की “बेशर्मी से की जा रही लूट” करार दिया है। पंजाब की राजनीति में आर्थिक कुप्रबंधन को लेकर घमासान छिड़ गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता परगट सिंह ने सोशल मीडिया पर कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए ‘आप’ सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परगट सिंह के मुताबिक, सरकार ने अपनी एक राजनीतिक रैली को सफल बनाने के लिए सरकारी खजाने से 1600 सरकारी बसों का इंतजाम किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां सरकारी तंत्र को अपनी ब्रांडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं विभाग कर्ज और बकाये के बोझ तले दबे हुए हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत PRTC और Punbus का 750 करोड़ रुपए का भुगतान अभी भी अटका हुआ है। इसके साथ ही, बिजली सब्सिडी का 10,500 करोड़ रुपए और अन्य सरकारी विभागों का 2700 करोड़ रुपए का बकाया अभी तक नहीं चुकाया गया है। इस वित्तीय संकट का सबसे बुरा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। परगट सिंह ने बताया कि पटियाला में PRTC कर्मचारी अपनी तनख्वाह और पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनता और कर्मचारियों के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन मंचों से ‘जुमले’ सुनाने और रैलियों पर खर्च करने के लिए खजाना खुला है।
