कपूरथला शहर आज पूरी तरह से कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस्कॉन (ISKCON) मंदिर के भक्तों द्वारा रविवार शाम को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस पावन यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और ‘कृष्णा कृष्णा हरे हरे’ तथा ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयघोष के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की आराधना की। इस धार्मिक समागम में विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक नेताओं ने भी हाजिरी भरी और भगवान का आशीर्वाद लिया। धर्मसभा परिसर से शुरू हुई यात्रा, झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र नकुल प्रभु जी की अध्यक्षता में इस भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ धर्मसभा परिसर से हुआ। इसके बाद रथ यात्रा श्री सत्यनारायण बाजार, सदर बाजार सहित शहर के विभिन्न प्रमुख और ऐतिहासिक क्षेत्रों से होते हुए अपने निर्धारित विश्राम स्थल पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान सजाई गई भव्य धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरी यात्रा मार्ग पर श्रद्धालु रथ को खींचने और भगवान के दर्शन पाने के लिए लालायित दिखे।
जगह-जगह लंगर और आरती, हिंदू-सिख संगठनों ने किया स्वागत कपूरथला की बहुसांस्कृतिक और सांप्रदायिक सद्भाव की झलक इस यात्रा में साफ देखने को मिली। विभिन्न हिंदू और सिख धार्मिक संगठनों ने रथ यात्रा का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। शहर में कई स्थानों पर भक्तों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, फल और खाने-पीने के भव्य लंगरों की व्यवस्था की गई थी। वहीं, श्री सत्यनारायण मंदिर के सामने प्रबंधक कमेटी द्वारा भगवान जगन्नाथ की विशेष महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ शामिल हुए। सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तैनात रहे 60 से अधिक पुलिसकर्मी हजारों की भीड़ और भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यातायात को सुचारू रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यात्रा मार्ग पर वर्दी और सादी वर्दी में 60 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। रथ यात्रा का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। हर साल इसी पवित्र दिन पर भक्त पूरी आस्था के साथ इस यात्रा का आयोजन करते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल होने और रथ के रस्से को छूने मात्र से जीवन के सभी दुख, दर्द, पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जो श्रद्धालु किसी कारणवश साक्षात इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाते, वे घर पर रहकर या ऑनलाइन माध्यम से भी भगवान के दर्शन कर शीश नवाते हैं, तो उन्हें समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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