कपूरथला में मंगलवार को पंजाब भर के शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन तहसील स्तर पर आयोजित राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा था। कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी, फगवाड़ा और भोलथ में शिक्षकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शालीमार बाग में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में टीचर शामिल हुए। शिक्षकों में सरकार के खिलाफ दिखी नाराजगी नेताओं ने बताया कि यह पुतला फूंक केंद्र सरकार के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी (TET) को पूरी तरह से गैर-जरूरी और असंवैधानिक तरीके से लागू करने के विरोध में किया गया। इसके अलावा, बजट सत्र के दौरान शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए बिल न लाने और सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर न करने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग द्वारा कुछ वर्गों को टीईटी से छूट देने वाले पत्र को न मानने, तथा विरोध प्रदर्शनों के दौरान वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के अंधाधुंध इस्तेमाल की भी निंदा की। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में शिक्षकों की कोई भी समस्या हल नहीं की, बल्कि हर वर्ग पर सिर्फ पुलिसिया दमन का सहारा लिया है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली का कमजोर नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद उसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। वेतन पुनरीक्षण का बकाया, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें और जारी किस्तों का बकाया भी नहीं दिया गया है। पुनरीक्षण के नाम पर रोके गए भत्ते बहाल नहीं किए गए और वेतन आयोग की पूरी रिपोर्ट भी जारी नहीं की गई है। स्कूलों में हजारों शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों के पद खाली होने के बावजूद बेरोजगार शिक्षकों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष रछपाल सिंह वड़ैच, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (दिग्विजय) के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरवन सिंह औजला, जिला अध्यक्ष चरणजीत सिंह, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (विक्रमदेव) के जिला महासचिव तेजिंदर सिंह, टीचर्स यूनियन पंजाब के जिला अध्यक्ष सुखदयाल सिंह झंड और टीचर्स यूनियन के वरिष्ठ नेता गुरमुख सिंह बाबा ने नेतृत्व किया। इस दौरान शिक्षकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।