पंजाब के कपूरथला में गद्दा फैक्ट्री में लगी आग के मामले में फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। 8 अधिकारियों की टीम ने फैक्ट्री से आग के अवशेषों के नमूने लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इस जांच से लापता कर्मचारी अश्वनी कुमार के आग में फंसे होने की आशंका पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। नूरपुर दोनां गांव स्थित जगदंबे इंडस्ट्री गद्दा फैक्ट्री में लगी भीषण आग पर काबू पाने में 2 दिन का समय लगा था। इस दौरान एक कर्मचारी के परिवार ने दावा किया था कि उनका बेटा आग में जल गया है। डीएसपी दीपकरण सिंह ने फोरेंसिक टीम द्वारा नमूने लिए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, आज भी फैक्ट्री में आग धीमी गति से सुलगती रही। आग को बुझाने के लिए 35 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी जगदंबे इंडस्ट्री गद्दा फैक्ट्री में आग वीरवार सुबह लगभग 8:15 बजे लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों को 35 घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी। कपूरथला, जालंधर, नकोदर, आरसीएफ, सुल्तानपुर लोधी और करतारपुर से आई दमकल की गाड़ियां और 44 फायरकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। पत्नी का दावा- आग लगी तब फैक्ट्री में थे पति गांव बिशनपुर जट्टां निवासी अश्विनी कुमार उर्फ रवि के फैक्ट्री में फंसे होने का दावा उनका परिवार कर रहा है। रवि की पत्नी राजविंदर कौर ने बताया कि उनके पति फैक्ट्री के अंदर ही थे। रवि के पिता अमरजीत, जो फैक्ट्री में चौकीदार हैं। वीरवार को उनकी हाजिरी लगाई थी। परिवार का दावा है कि रवि पहली मंजिल पर प्लांट के पास काम कर रहा था और आग लगने पर बाहर नहीं निकल सका।
