पाली में नए ऑटो रिक्शा के बार-बार खराब होने से परेशान युवक ने खुद को आग लगा ली। युवक करीब 70 फीसदी झुलस गया। गंभीर हालत में जोधपुर के मथुरा दास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। मामला सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बिसलपुर गांव में रविवार शाम 5 बजे का है। बिसलपुर निवासी हंसमुख (30) का आरोप है कि करीब 8 महीने पहले खरीदे ऑटो रिक्शा की बार-बार सर्विस करानी पड़ रही थी। तीन महीने में भी ऑटो सही नहीं हुआ। सर्विस सेंटर वाले भी उसकी सुनवाई नहीं कर रहे थे। इसी से परेशान होकर रविवार शाम को उसने खुद पर तारपीन का तेल डालकर आग लगा दी। 8 महीने पहले खरीदा था ऑटो रिक्शा हंसमुख ने बताया- मैंने 30 मई 2025 को सुमेरपुर से ऑटो रिक्शा खरीदा था। हर महीने 8 हजार 751 रुपए किस्त आ रही थी। इसे चार साल में पूरा करना था। शुरुआत में तो ऑटो सही चल रहा था। अचानक करीब तीन महीने पहले नवंबर 2025 में ऑटो का इंजन ज्यादा ऑयल उठाने लगा था। हर दो-तीन दिन में 2 लीटर ऑयल ऑटो रिक्शा में जाने लगा। सुमेरपुर के जिस शोरूम से मैंने ऑटो खरीदा था, मैं वहां गया। ऑटो को सर्विस के लिए दिया। सर्विस के कुछ दिनों बाद फिर से समस्या होने लगी। दोबारा ऑटो को सर्विस सेंटर पर लेकर गया, जहां एक महीने तक ऑटो को रखा। इस दौरान मेरी इनकम भी बंद हो गई। हंसमुख ने बताया- एक महीना सर्विस सेंटर पर ऑटो रिक्शा पड़ा रहा। जब इसे दोबारा घर लाया तो कोई सुधार नहीं हुआ। फिर से सर्विस सेंटर गया और इसकी शिकायत की। लेकिन, उन्होंने मुझे ऑटो जोधपुर सर्विस सेंटर ले जाने के लिए कहा गया। बार-बार परेशानी और सर्विस सेंटर संचालकों के इस रैवेये से परेशान हो गया। परेशान होकर खुद को लगा ली आग इससे परेशान हंसमुख रविवार को घर आया और वहां रखे तारपीन का तेल डालकर घर के बाहर खुद को आग लगा ली। आग से झुलसा युवक चिल्लाने लगा तो परिवार वाले बाहर दौड़े। परिवार और मोहल्ले के लोगों ने मिलकर आग बुझाई। उसे सुमेरपुर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से उसे पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में रेफर किया गया। हंसमुख की गंभीर हालत को देखते हुए पाली से रात करीब 8:30 बजे उसे जोधपुर के मथुरा दास माथुर (MDM) हॉस्पिटल लाया गया। इस हादसे में हंसमुख का शरीर बुरी तरह से जल गया। गर्दन के नीचे से उसका पूरा शरीर झुलस गया। पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर सुखदेव चौधरी ने बताया- हंसमुख 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गया था। ट्रॉमा वार्ड में उसका इलाज किया गया था। इसके बाद परिजनों ने जोधपुर रेफर करने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर उसे जोधपुर रेफर किया गया।