जीवन बचाने के लिए चल रही एंबुलेंस ही लोगों की जान ले रही है। एंबुलेंस में हर समय ऑक्सीजन सिलेंडर होना जरूरी है। ताकि जरूरत पड़ने और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस के जरिए लोगों की जान बचाई जा सके, लेकिन राजधानी सहित प्रदेश में चल रही अधिकतर एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर ही नहीं है। ये एंबुलेंस बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के सड़कों पर दौड़ रही हैं। डेड बॉडी ले जाने के काम आ रही है। शुक्रवार को भरतपुर से नवजात को ऑक्सीजन सपोर्ट पर जयपुर ले जाने के दौरान बस्सी के पास ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। इसके बाद भास्कर ने शनिवार को राजधानी में चल रही एंबुलेंस का जायजा लिया। राजधानी में करीब 1023 से अधिक एंबुलेंस चल रही है। इनमें से 837 बिना ऑक्सीजन सिलेंडर संचालित हो रही। इनमें सबसे ज्यादा एंबुलेंस एसएमएस अस्पताल के सामने खड़ी रहती है। जेके लॉन, गणगौरी, कांवटिया, जयपुरिया, बनीपार्क, राजापार्क सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के सामने खड़ी एंबुलेंस की भी यहीं स्थिति है। एसएमएस, जयपुरिया और जेके लोन पर पड़ताल, चालक बोले-एंबुलेंस है पर ऑक्सीजन नहीं समय: सुबह 11.43 बजे, एसएमएस अस्पताल
एसएमएस अस्पताल के बांगड़ की तरफ करीब 100 से अधिक एंबुलेंस खड़ी है। इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं लगा है। मरीज को मथुरा ले जाने के लिए एंबुलेंस की डिमांड की। ड्राइवर साबिर बोला- एंबुलेंस मिल जाएगी, मगर ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है। सिलेंडर के अलग से रुपए लगेंगे। बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर के 1 हजार और छोटे के 500 रुपए देने होंगे। किराया 15 रुपए प्रति किमी लगेगा। सिलेंडर जवाहर सर्किल के पास से लाना पड़ेगा। समय: रात 9 बजे, जेके लोन अस्पताल एंबुलेंस में बैठे जितेंद्र कुमार से बच्चे को आगरा लेकर जाने के लिए एंबुलेंस की डिमांड की। ड्राइवर बोला- मिल जाएगी, ऑक्सीजन सिलेंडर अभी नहीं है, लेकर आना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त लेंगे। छोटे सिलेंडर से भी काम चल जाएगा, लेकिन ऑक्सीजन खत्म हो गई तो मेरी जिम्मेदारी नहीं है। छोटा सिलेंडर 3 घंटे, बड़ा 5 घंटे ही चलेगा। किराया 14 रुपए प्रति किमी होगा और दोनों तरफ का देना होगा। रात: 10 बजे, जयपुरिया अस्पताल एंबुलेंस चालक से कहा-मरीज को कोटा लेकर जाना है। ऑक्सीजन सिलेंडर की भी जरूरत होगी। ड्राइवर सूबेदार बोला- सिलेंडर तो नहीं है। यहां खड़ी एंबुलेंस तो डेड बॉडी और छुट्टी मिलने वाले मरीजों को लेकर जाती। ऑक्सीजन सिलेंडर अलग से मंगाना पड़ेगा, इसके लिए अलग से रुपए देने होंगे। जितनी राशि देंगे, उसी हिसाब से ऑक्सीजन सिलेंडर आएगा। बीच में सिलेंडर खत्म हो गया तो मेरी जिम्मेदारी नहीं होगी। आरटीओ से किराया तय, फिर भी मनमर्जी की वसूली
राजधानी में एंबुलेंस चालक मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। आरटीओ के मुताबिक प्रथम 10 किलोमीटर का किराया 500 रुपए निर्धारित है। 11 किमी से मारुति वेन, मार्शल, मैक्स आदि वाहनों का किराया प्रति किमी 12.50, टवेरा, इनोवा, बोलेरो, क्रूजर, रायनो आदि वाहनों का किराया 14.50 प्रति किलोमीटर एवं अन्य बड़े एम्बुलेंस, शव वाहनों का किराया 17.50 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित हैं। इसके बावजूद एंबुलेंस संचालक 20 रुपए प्रति किमी किराया वसूल रहे।