एसएमएस अस्पताल में निवाई (टोंक) निवासी चैना देवी (23) की मौत गलत खून चढ़ाने से हुई है। एसओपी का अनिवार्य भाग होने के बावजूद महिला के सैंपल की रिवर्स ग्रुपिंग नहीं करने के साथ ही ब्लड ग्रुप जांच का परिणाम फॉर्म पर दर्ज तक नहीं किया, क्रॉस मैचिंग टेस्ट भी सही नहीं किया और बिना पुष्टि किए ही बैग जारी कर दिया। यह खुलासा जांच कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार महिला को टीबी, निमोनिया और संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी भी थी। प्रथम दृष्टया में पांच कर्मचारियों को दोषी मानते हुए संबंधित विभाग से सूचना मांगी है। इधर, अखिल राजस्थान लेबोरेट्री टेक्नीशियन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह का कहना है कि कमेटी में ब्लड ट्रांसफ्यूजन से जुड़ा या विषय विशेषज्ञों से जुड़े व्यक्ति को नहीं रखा गया। भविष्य में विषय विशेषज्ञों के साथ एक आईएएस की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर जांच होनी चाहिए। इन्हें माना जिम्मेदार

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