भीलवाड़ा में एम्बुलेंस ड्राइवर ने महिला मरीज के पति को थप्पड़ मार दिया। किराया को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि ड्राइवर ने उसकी हॉस्पिटल में ही पिटाई कर दी। इसके बाद उसे गालियां दी। इस बीच महिला मरीज अपने पति को रोकने की कोशिश करती रही। जब कहासुनी बढ़ने लगी तो ड्राइवर ने ये तक कह दिया कि तेरा मरीज रास्ते में ही मर जाएगा। मामला शहर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में गुरुवार दोपहर 3 बजे का है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवर को थाने ले गई। पीड़ित बोला- किराया ज्यादा मांग रहे थे, दूसरी एम्बुलेंस भी नहीं जाने दिया पीड़ित सुनील ने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब थी तो वह गुरुवार को उसे भीलवाड़ा के सरकारी महात्मा गांधी हॉस्पिटल इलाज के लिए ले गया था। यहां डॉक्टर्स ने उसकी पत्नी को उदयपुर रेफर करने के लिए कहा। इसके बाद हॉस्पिटल में खड़े एम्बुलेंस ड्राइवर आनंद और दीपक से बात की तो 4 हजार रुपए किराया मांगा। सुनील ने बताया-मुझे किराया ज्यादा लगा तो उसने अपने परिचित को फोन किया, जिसने तीन हजार रुपए मांगे। मैंने वहां खड़े एम्बुलेंस ड्राइवर को बताया कि दूसरा ड्राइवर तीन हजार में ले जा रहा है। या तो तुम भी इतने रुपए में चलो। इस बात पर ड्राइवर भड़क गया। सुनील ने बताया कि उसने दूसरे ड्राइवर के साथ भी जाने से मना कर दिया और किराया भी कम नहीं किया। इस बात को लेकर विवाद हो गया। मारपीट का वीडियो आया सामने, ड्राइवर ने मारे थप्पड़​ किराया को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि हॉस्पिटल में ही प्राइवेट एम्बुलेंस के ड्राइवर दीपक ने सुनील के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद पत्नी के सामने ही सुनील दीपक को जमकर थप्पड़ मारे और मारपीट की। इस दौरान उसकी पत्नी बार-बार उसे बचाने के लिए आती रही। लेकिन, एम्बुलेंस ड्राइवर उसके साथ मारपीट करते रहे। इस दौरान दीपक के साथी ड्राइवर आनंद ने भी सुनील को गालियां दी और कहने लगा-तेरा मरीज रास्ते में ही मर जाएगा। सुनील ने बताया कि इस मामले को लेकर वह थाने में शिकायत भी देगा। अस्पताल प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा पीएमओ डॉ. अरुण कुमार गौड़ ने बताया- इस घटना को लेकर जानकारी मिली थी, जिसकी जांच करवाई जा रही है। अस्पताल परिसर में इस तरह की मारपीट और व्यवहार किसी हाल में बर्दाश्त नहीं है। एंबुलेंस ड्राइवर को पुलिस ले गई है और अस्पताल प्रशासन भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से खड़े रहने वाले प्राईवेट एंबुलेंस ड्राइवरों को लेकर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।