डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और सुरक्षित रक्तदान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्घाटन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने किया। कार्यक्रम में डॉक्टरों, नर्सिंगकर्मियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रक्त संबंधी विभिन्न रोगों के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। फिजिशियन डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने थैलेसीमिया की रोकथाम और समय पर जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. निलेश गोठी ने हीमोफीलिया के मरीजों की विशेष देखभाल और नियमित उपचार की जानकारी दी। एसीएमएचओ डॉ. विपिन मीणा ने सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता और समय पर निदान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. राजेश सरैया ने सुरक्षित रक्तदान के महत्व को बताते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस दौरान थैलेसीमिया कुटुंब योजना की जानकारी भी दी गई। साथ ही थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को स्वयंसेवी संगठनों द्वारा गोद लेकर उनकी जिम्मेदारी उठाने की अपील की गई। आमजन को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में फिजिशियन डॉ. पिंटू अहारी, पैथोलॉजी लैब प्रभारी डॉ. वंदना सिंघल, डॉ. रितुल राठौड़, डॉ. आजेश डामोर और राजेंद्र सिंह सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
