पुलिस हत्याकांड मामले में एनकाउंटर में मारे गए आरोपी रणजीत सिंह का अंतिम संस्कार कल, 9 मार्च को उनके पैतृक गांव आदियां के श्मशान घाट में सुबह 11 बजे किया जाएगा। परिवार और कार्रवाई समिति ने पहले गुरदासपुर डीसी कार्यालय के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन के फैसले को वापस ले लिया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि रणजीत सिंह के शव की स्थिति दिन-ब-दिन खराब हो रही थी। इस कारण रविवार को परिवार और कमेटी की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि अंतिम संस्कार पहले किया जाए। परिवार और कमेटी की मांग थी कि रणजीत सिंह का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर 9 मार्च को डीसी कार्यालय के बाहर धरने की योजना बनाई गई थी, इसमें किसान नेता और अन्य संगठन शामिल होने वाले थे। चौकी में पुलिस कर्मियों की हत्या- उसके बाद एनकाउंटर गौरतलब है कि को कि 21-22 फरवरी की रात को आंदिया गांव के पुलिस चौकी में दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद इन पुलिसकर्मियों की मौत लिए गांव आंदिया के युवक रणजीत सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और पुलिस हिरासत से बागने के चलते पुलिस दवारा रणजीत सिंह एनकाउटर कर दिया गया था। परिवार को आरोप- गलती छिपाने के लिए फर्जी मुठभेड़ कर मारा गौरतलब है कि रणजीत सिंह का एनकाउंटर 25 फरवरी को हुआ था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अपनी गलती छिपाने के लिए रणजीत सिंह की फर्जी मुठभेड़ की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार के दिशानिर्देशों पर पुलिस राज्य में ‘पुलिस राज’ स्थापित कर रही है और अदालतों की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए दोषियों को मौके पर ही मौत की सजा सुना रही है। पुलिस कर्मियों पर हत्या की धारा में केस चलाने की मांग उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि रणजीत सिंह के फर्जी पुलिस मुठभेड़ के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए और उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश या सीबीआई द्वारा पुलिसकर्मियों की मौत और रणजीत सिंह के फर्जी पुलिस मुठभेड़ की जांच की जाए।