एडीजी (सिविल राइट्स) लता मनोज कुमार झालावाड़ के दो दिवसीय निरीक्षण दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन में आयोजित सेरेमोनियल परेड का निरीक्षण किया, जहां एसपी अमित कुमार ने उन्हें सलामी दी। एडीजी ने बताया कि प्रदेश में महिला अपराधों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में ऐसे मामलों का समय पर निस्तारण किया जा रहा है और इनकी रोकथाम के लिए कानूनी जागरूकता पर भी काम हो रहा है। एडीजी ने राजसिटीजन ऐप के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालिया अपडेट के बाद इसे और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा रहा है, ताकि आम लोगों को संकट या किसी भी अपराध की स्थिति में पुलिस की त्वरित मदद मिल सके। इसके लिए लोगों को ऐप के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
मानव अधिकारों के सम्मान के लिए प्रदेश भर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। एडीजी ने साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता को एक महत्वपूर्ण हथियार बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडियाकर्मियों और राहतकर्मियों के नाम राज्य स्तर पर सम्मान के लिए भेजने का भी निर्देश दिया। एडीजी लता मनोज कुमार ने झालावाड़ पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि झालावाड़ पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ किए जा रहे सफल कार्यों की जानकारी ली जा रही है, ताकि इन प्रयासों को राज्य स्तर पर अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके। साइबर अपराध की कोई बाउंड्री नहीं है
बढ़ते साइबर अपराध पर एडीजी ने कहा कि साइबर फ्रॉड इंटरनेट के माध्यम से होता है। ऐसे में इसकी कोई सीमा, बाउंड्री नहीं होती। इसके लिए अवेयरनेस बड़ा हथियार है, ऐसे में इस तरह के मामलों में अनुसंधान में अधिक समय लगता है, साइबर क्राइम के हिसाब से पुलिस भी अब बदल रही है। साइबर अपराधी नए-नए तरीके इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में पुलिस को लगातार ट्रेनिंग देकर जागरूक किया जा रहा है। इस पर मुख्य रूप से काम किया जा रहा है। राज्य सिम ब्लॉक के मामले में राजस्थान में बेहतर काम हुआ है। साइबर को रोकने के लिए सुरक्षा सखी, ग्राम रक्षक, पुलिस मित्र को जोड़ा गया है। साथ ही 12 मार्च को प्रदेश में 820 कॉलेज को जोड़ा इसमें करीब 6000 स्टूडेंट जुड़े जिनको जागरूक किया गया है, ताकि स्टूडेंट परिजनों और समाज में साइबर अपराध से आमजन को बचा सके।

क्राइम मीटिंग का हुआ आयोजन

एडीजी लता मनोज ने पुलिस लाईन परिसर में पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों की सम्पर्क सभा लेकर उनकी व्यक्तिगत/विभागीय समस्या सुनकर निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस लाईन की विभिन्न शाखाओं मैस, कोथ, एम.टी., स्टोर आदि का निरीक्षण कर प्रभारियों को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए निर्देश दिए।