उदयपुर. नगर निगम में नए बोर्ड के गठन के साथ शहर को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। इस बार शहर के 80 वार्डों की जमीनी स्थिति से परिचित महापौर पारस सिंघवी के सामने विकास के साथ व्यवस्थाओं को सुधारने की भी बड़ी चुनौती है। महापौर ने 100 दिन की प्राथमिकताओं में झीलों के संरक्षण, सीवर की समस्या के स्थायी समाधान, सड़कों के पेचवर्क और डामरीकरण के साथ पार्किंग व सफाई व्यवस्था को शामिल किया है। वहीं पांच साल के कार्यकाल में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने, नाइट बाजार विकसित करने, मांगलिक आयोजनों के लिए कम दर पर शेड उपलब्ध कराने और पात्र लोगों को पट्टे दिलाने की बात कही है। शहर के विकास को लेकर महापौर के विजन पर राजस्थान पत्रिका ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश…