उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बेकनी पुलिया से सर्व समाज के लोगों और युवाओं ने रैली निकालकर मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन तक मार्च किया। वहां एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी नारेबाजी करते हुए कुलगुरु को हटाने की मांग पर अड़े रहे। जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ प्रशासनिक भवन की ओर बढ़ने लगी, तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। सर्व समाज, एबीवीपी और एनएसयूआई आदि के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां जुटे रहे। पुलिस ने प्रशासनिक भवन के चैनल गेट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। वीसी आवास की नेम प्लेट पर कालिख पोतने गए
इधर, प्रदर्शनकारियों में से कुछ वीसी आवास पर चले गए और वहां वीसी आवास की नेम प्लेट पर कालिख पोतने की तैयारी कर रहे थे। वहां पर पुलिस का घेरा पहले ही था। स्टूडेंट और पुलिस उलझ गई थी। इस बीच वहां पूर्व डिप्टी मेयर महेंद्र सिंह शेखावत ने समझाइश कराई। इस बीच कुछ युवा आक्रोशित हो गए जिनको पुलिस ने हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया। वैसे वीसी उदयपुर से बाहर होने की वजह से आवास पर नहीं थी। राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
इससे पहले सर्व समाज की और से बाद में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सर्व समाज ने ज्ञापन में आक्रोश प्रकट कर कहा कि प्रो.सुनीता मिश्रा द्वारा दिये इस बयान पर तुरंत प्रभाव से विश्वविधालय से बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शन मे हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक रविकांत त्रिपाठी, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डामला, राजपूत करणी सेना संभाग अध्यक्ष डॉ परमवीर सिंह डुलावत,जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह झाला, विप्र सेना के दिनेश शर्मा, क्षत्रिय महासभा के अशोक सिंह, भारतीय मजदूर संघ से अमर सिंह सांखला, प्रकाश प्रजापत्, महाराणा प्रताप सेना से मोहन सिंह राठौड़, बजरंग सेना संस्थापक कमलेंद्र सिंह पंवार, शिव सेना से रवि वैष्णव, गरबा गणपति मंडल से कुंदन चौहान, पूर्व पार्षद गौरव प्रताप सिंह,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री रवि शंकर आदि शामिल हुए। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी 2 PHOTOS… सुनीता मिश्रा के बयान पर विवाद से जुड़ी 3 अहम बातें… 1. कुलपति को नहीं हटाया तो, आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शन के छात्र सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलपति के आवास पर पहुंच गए और अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया। प्रशासनिक भवन के बाहर सर्व समाज और एनएसयूआई ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक कुलपति को नहीं हटाया जाएगा, यह आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विद्यार्थियों ने डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा और मंत्री जोगाराम पटेल द्वारा कुलपति के माफी मांगने और मामले को आगे न बढ़ाने के बयान पर भी नाराजगी जताई। 2. भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र को अस्पताल ले जाया गया
विश्वविद्यालय में कुलपति को हटाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई के छात्रों में भी आक्रोश है। इस बीच, एक छात्र कैलाश की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल 108 एम्बुलेंस से एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया। 3. कुलगुरु ने वीडियो से माफी मांगी थी
लगातार पिछले दिनों से यूनिवर्सिटी में हो रहे हंगामे के बाद कुलगुरु ने पिछले दिनों एक वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। वीडियो में कुलगुरु ने कहा कि 12 सितंबर को ‘विकसित भारत का रोडमैप’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया था, जिसमें उन्होंने भूलवश कुछ बातें कह दी थीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह समस्त मेवाड़ की जनता और राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना से क्षमा मांगती हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके वक्तव्य से सर्वसमाज की भावनाओं को जो आघात पहुंचा है, उसके लिए वह सर्वसमाज, खासकर राजपूत समुदाय से क्षमा मांगती हैं अब जानिए विवाद पर किसने क्या कहा-
