उदयपुर शहर के खूबसूरत नजारे देखने देश-विदेश से बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। पिछले 15 साल का आंकड़ा देखें तो हर साल टूरिस्ट की संख्या बढ़ी है। फरवरी- 2026 के ताजा आंकड़ों ने पर्यटन विभाग को भी चौंका दिया है। इस साल फरवरी में 1 लाख 80 हजार 957 टूरिस्ट लेकसिटी आए हैं। वहीं साल 2011 में इस महीने यह संख्या महज 39 हजार के करीब थी। पिछले साल के मुकाबले भारी उछाल पिछले साल फरवरी-2025 की तुलना में इस बार पर्यटन का ग्राफ काफी ऊपर है। बीते साल फरवरी में करीब 1.47 लाख घरेलू टूरिस्ट आए थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 1.56 लाख पहुंच गई है। यानी अकेले घरेलू सैलानियों में 9 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मेहमानों का आंकड़ा भी 24 हजार के पार रहा है। यह उछाल दर्शाता है कि उदयपुर अब केवल सर्दियों का वैकेशन स्पॉट नहीं, बल्कि एक ‘ऑल सीजन’ ग्लोबल डेस्टिनेशन बन चुका है। सोशल मीडिया और सेफ टूरिज्म का असर पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया- उदयपुर की ब्रांडिंग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सुरक्षित और सुंदर शहर के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम रील्स और ट्रैवल ब्लॉग्स ने उदयपुर के अनछुए पहलुओं को दुनिया के सामने रखा है। अब पर्यटक सिर्फ झीलों के किनारे बैठने नहीं, बल्कि इको-टूरिज्म और विरासत को समझने आ रहे हैं। विभाग की बेहतर मार्केटिंग और शहर में बढ़ी सुविधाओं का ही परिणाम है कि हम हर साल नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग और इवेंट्स से मिला बूस्ट होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि पर्यटन में इस बढ़त का बड़ा श्रेय डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉर्पोरेट इवेंट्स को जाता है। उन्होंने बताया कि फरवरी के महीने में शादियों का सीजन होने के कारण शहर के लगभग सभी होटल फुल रहे। उदयपुर अब दुनिया की पहली पसंद की ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ बन चुका है। सेलिब्रिटी वेडिंग्स और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की मीटिंग्स ने यहां के स्थानीय व्यापार और पर्यटन सेक्टर को नई मजबूती दी है। आगामी महीनों में भी बुकिंग्स का ट्रेंड काफी सकारात्मक है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे में इसी तरह सुधार जारी रहा, तो उदयपुर जल्द ही देश के टॉप-3 पर्यटन शहरों में अपनी जगह पक्की कर लेगा। फिलहाल, झीलों की नगरी अपने पुराने गौरव को नए कलेवर में जी रही है।