संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय किसान सभा, किसान महासभा, क्रांतिकारी किसान यूनियन, जय किसान आंदोलन और राष्ट्रीय मुस्लिम न्याय मंच सहित विभिन्न घटक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी साम्राज्यवाद और इजरायल की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला दहन कर अपना रोष प्रकट किया। ईरान की संप्रभुता पर हमला: वक्ताओं ने अमेरिका को घेरा
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध अपराधी बन चुका है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखकर एक संप्रभु राष्ट्र ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व आयतुल्ला खुमैनी को निशाना बनाया और वहां की बेगुनाह जनता पर बमबारी की। नेताओं ने कहा कि अमेरिका का इतिहास लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर करने का रहा है, चाहे वह वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति मादुरो का अपहरण कर उन्हें कैद करना हो या अब ईरान की संप्रभुता को रौंदना। हाल ही में एक स्कूल पर हुए हमले में 165 बच्चियों के कत्लेआम को मानवता पर कलंक बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की गई।
मोदी सरकार की ‘चुप्पी’ पर उठाए सवाल संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने भारत की विदेश नीति और केंद्र सरकार के रुख पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। भारत सरकार अमेरिकी ट्रेड डील के सामने नतमस्तक है। भारत के पुराने मित्र राष्ट्र ईरान के राष्ट्राध्यक्ष की हत्या पर सरकार ने संवेदना के दो शब्द भी नहीं कहे। वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की चाटुकारिता में भारत अपनी दशकों पुरानी स्वतंत्र विदेश नीति को खत्म कर रहा है। भारत सरकार से प्रमुख मांगें
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध को तत्काल बंद करवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जाए। भारत विश्व शांति के लिए न्यायपसंद देशों को एकजुट करे। विकासशील देशों का नेतृत्व करते हुए सभी राष्ट्रों की संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित की जाए। ईरानी नेतृत्व और 165 मासूम बच्चियों की हत्या की आधिकारिक स्तर पर निंदा की जाए। उन्होंने किया सम्बोधित फूलचंद ढेवा (केंद्रीय कमेटी सदस्य, CPIML), फूलचंद बर्वर (राज्य सचिवालय सदस्य, CPI-M), रामचंद्र कुलहरि (राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय किसान महासभा), पोकर सिंह झाझडिया (जिला संयोजक, क्रांतिकारी किसान यूनियन), मदन सिंह यादव (जिला महामंत्री, अखिल भारतीय किसान सभा), बजरंग लाल एडवोकेट (संयोजक, भगत सिंह विचार मंच), इमरान बड़गुर्जर (राष्ट्रीय मुस्लिम न्याय मंच) ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर कामरेड इंद्राज सिंह चारावास, मनफूल सिंह, बिजेंद्र सिंह कुलहरि, राम सिंह धनखड़, शीशराम इस्लामपुर, सुरेश महला, नरेंद्र सिंह पायल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे।
