राजस्थान में 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। आमतौर पर नवरात्र 9 दिन के होते हैं, लेकिन इस बार पंचमी तिथि में वृद्धि होने से ये 10 दिन के होंगे। इन 10 दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 10 दिनों तक चलने वाला यह पर्व अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। सूर्यसिद्धांतीय जयादित्य पंचांग के अनुसार, इस बार मां दुर्गा हाथी पर बैठकर आ रही हैं। ऐसा माना जाता है कि हाथी पर सवार होकर आना बहुत शुभ होता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और सब कुछ अच्छा होता है। इसलिए इस बार के नवरात्र और भी खास हैं। सूर्यसिद्धांतीय जयादित्य पंचांग के संपादक आचार्य मुदित ने बताया- नवरात्र के दिनों में वृद्धि होना शुभ संयोग है और यह विशेष फल देने वाला होता है। इससे नवरात्रि में माता की आराधना के लिए एक दिन अधिक मिलेगा, जो सभी के जीवन में खुशियां लाएगा। इसलिए इस समय नवरात्रि की आराधना और भी विशेष रूप से करनी चाहिए, क्योंकि अगली चैत्र नवरात्रि में प्रतिपदा तिथि का क्षय होगा और वह केवल 8 दिन की ही होगी। नवरात्र का पहला दिन, यानी प्रतिपदा, सोमवार 22 सितंबर को होगा। महानिशा अष्टमी पूजन सोमवार 29 सितंबर की रात्रि में होगा। मंगलवार 30 सितंबर को अष्टमी व्रत रहेगा। 1 अक्टूबर को नवमी व्रत, हवन और नवरात्र पूर्णाहुति होगी। गुरुवार 2 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर प्रतिमा विसर्जन, शस्त्र पूजन और अपराजिता पूजन किया जाएगा।