जयपुर अब केवल पर्यटन, किले और संस्कृति का शहर नहीं रहा। यह तेजी से देश का उभरता शिक्षा हब बन गया है। यहां हायर एजुकेशन संस्थानों की संख्या पूरे भारत में सबसे ज्यादा है। हर साल हजारों छात्र UP, बिहार, हरियाणा समेत 10 से ज्यादा राज्यों से इंजीनियरिंग, MBA और प्रोफेशनल कोर्सेस करने आ रहे हैं। मुख्य वजह है बेहतर क्वालिटी वाली पढ़ाई बहुत कम खर्च में। उदाहरण के लिए, बीटेक की पूरी डिग्री सिर्फ चार लाख रुपये में पूरी हो जाती है और औसत प्लेसमेंट पैकेज 4 से 6 लाख रुपये सालाना है। यानी चार साल की फीस एक साल में ही रिकवर हो जाती है। आनंद इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (Anand ICE) ने जयपुर को इंजीनियरिंग शिक्षा का मजबूत स्तंभ बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मोनिका मित्तल अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन ने बताया कि हर साल बाहर से आने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कॉलेज ने यूनिक स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें सिर्फ एडमिशन पर नहीं बल्कि हर साल की रिजल्ट के आधार पर छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती है, ताकि वे पूरे कोर्स के दौरान मोटिवेटेड रहें। सबसे खास है ग्लोबल एक्सपोजर प्रोग्राम – तीसरे साल में छात्र एक महीने की इंटर्नशिप USA, UK, जर्मनी, थाईलैंड समेत 18 से ज्यादा टॉप यूनिवर्सिटीज में करते हैं। आज के AI युग को ध्यान में रखते हुए कॉलेज नियमित स्किल बिल्डिंग वर्कशॉप्स चला रहा है। छात्रों और फैकल्टी दोनों को AI का प्रैक्टिकल इस्तेमाल सिखाया जाता है। हाल ही में छात्रों ने एक अनोखा AI टूल बनाया है, जो नए एडमिशन लेने वाले छात्रों से कुछ सवाल पूछकर उनके इंटरेस्ट और क्षमता के आधार पर बेस्ट फिट कोर्स की सिफारिश करता है। इससे भेड़चाल वाली सोच खत्म होती है और छात्र सही करियर चुन पाते हैं।
मोनिका मित्तल का कहना है कि सरकार अफोर्डेबल हॉस्टल, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च फंडिंग और स्किल- बेस्ड कोर्सेस पर और ध्यान दे तो जयपुर जल्द ही देश का टॉप एजुकेशन हब बनेगा। आनंद इंटरनेशनल कॉलेज AI, ग्लोबल सहयोग और किफायती गुणवत्ता के जरिए छात्रों को न सिर्फ डिग्री बल्कि विश्व स्तर का भविष्य दे रहा है।
