राजस्थान में कॉमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। जहां सिलेंडर मिल रहे हैं, वहां कालाबाजारी का आरोप लग रहा है। ऐसे में सिलेंडरों को लेकर हालात बिगड़ने लगे हैं। तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का इंटरनल सर्वर SDMS (सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम) सुबह से बंद है। इस कारण इंडेन गैस उपभोक्ता मोबाइल, वॉट्सएप और ऑनलाइन रिफिलिंग बुक नहीं करवा पा रहे हैं। एजेंसी संचालक भी बिल जनरेट नहीं कर पा रहे हैं। टोंक में भारत गैस की एक एजेंसी ने पोषाहार के लिए दिए जाने वाली सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है। जयपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर 2500 रुपए से भी ज्यादा में बिक रहा है। इसे लेकर होटल-रेस्टोरेंट मालिक ने नाराजगी जताई है। कोटा में सप्लाई नहीं होने से कई मैस और हॉस्टल ने खाना बनाना बंद कर दिया है। वहीं, अलवर में बुधवार सुबह भारत गैस एजेंसी के ऑफिस में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्राहकों से बचने के लिए मालिक ने खुद को ऑफिस में लॉक कर लिया। अधिकतर जिलों में घरेलू गैस की सप्लाई में भी कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर कांग्रेस गुरुवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। एजेंसी का दावा- कंपनी के आदेश पर सप्लाई बंद टोंक की बुंदेल गैस एजेंसी ने सरकारी स्कूलों में पोषाहार के लिए दिए जाने वाली कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोक दी है। संचालक दिनेश बुंदेल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। एजेंसी का दावा है कि कंपनी के मौखिक आदेश पर ऐसा किया गया है। हालांकि, जिले की दूसरी गैस एजेंसियों ने ऐसी कोई जानकारी प्रशासन को नहीं दी है। झुंझुनूं में पिछले 72 घंटों से गैस बुकिंग का सर्वर ठप पड़ा है। वॉट्सएप, कंपनियों के एप, IVRS या मैसेज के जरिए गैस बुक नहीं हो रही है। जयपुर और अलवर में कालाबाजारी के आरोप अलवर में बुधवार सुबह मॉडर्न गैस सर्विस पर घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से ग्राहकों ने हंगामा किया। उन्होंने एजेंसी मालिक पर कालाबाजारी के आरोप भी लगाए। हंगामा बढ़ता देख मालिक ने खुद को ऑफिस में लॉक कर लिया। वहीं, जयपुर के त्रिवेणी नगर इलाके के कई रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि सिलेंडर सप्लायर मनमानी वसूली कर रहे हैं। सिलेंडर 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। भास्कर रिपोर्टर के सामने ही एक गैस एजेंसी की सप्लाई वैन वहां पहुंची और रेस्टोरेंट ऑनर को करीब 700 रुपए ज्यादा में सिलेंडर दिया। एजेंसियों की मनमानी से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों में नाराजगी है। ग्राहकों की शिकायत आई तो एजेंसी पर होगी कार्रवाई खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अंबरीश कुमार ने सभी जिलों के डीएसओ को गैस सिलेंडर की सप्लाई की रेगुलर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने तेल कंपनियों से स्टॉक और सप्लाई के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा- आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर आपूर्ति की शिकायत आई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब देखिए- राजस्थान में गैस संकट से जुड़ी PHOTOS… सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा… पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी। दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है। तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी। चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी। …. गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में 1911 का कॉमर्शियल सिलेंडर 2500 का मिल रहा:सप्लायर बोला- 2276 रुपए का तो प्लांट से हम खरीद रहे; भास्कर के कैमरे में कैद हुई कालाबाजारी कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स के खाने पर संकट:कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप; हॉस्टल-मैस में चूल्हे, भट्ठियों पर बना रहे खाना

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