शहर में क्राइम कंट्रोल और सुगम ट्रैफिक संचालन के लिए पुलिस विभाग का इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का प्रस्ताव जिम्मेदार विभागों की फाइलों से ही बाहर नहीं निकल पा रहा। पुलिस पिछले तीन साल में कई बार डीओआईटी को आईटीएमएस प्रोजेक्ट के तहत कैमरे इंस्टॉल करने का प्रस्ताव भेज चुकी है, लेकिन कोई काम नहीं हुआ और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। एक साल पहले फिर से ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की मीटिंग में ट्रैफिक पुलिस ने प्रस्ताव दिया। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट शहर के अलग-अलग 233 पॉइंट पर एआई बेस्ड कैमरे लगने थे, इस बार जिम्मेदारी जेडीए की है, लेकिन अभी तक प्रस्ताव कागजों से ही बाहर नहीं आ पा रहा। हालांकि जेडीए अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर दस्तावेज तैयार हो रहे हैं, प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो से तीन महीने में टेंडर जारी किया जाएगा। अगले 3 से 4 महीने में इस प्रोजेक्ट के तहत कैमरे लगने शुरू होंगे। कैमरों की खासियत: ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले और वाहन ट्रेस करने में मददगार टेंडर में लगातार देरी ट्रैफिक पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर 233 जगहों पर आईटीएमएस कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 90 से 95 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रस्ताव के बाद जेडीए को टेंडर जारी कर यह सिस्टम इंस्टॉल करवाना था, लेकिन इसमें लगातार देरी हो रही है। जेडीए इलेक्ट्रिक विंग को टेंडर तैयार करना था। इलेक्ट्रिक विंग के एसई सुरेन्द्र कुमार बिसारिया ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते, लेकिन फिलहाल टेंडर दस्तावेज बन रहे हैं, इसके बाद टेंडर जारी किए जाएंगे। इन स्थानों पर लगने हैं कैमरे