धौलपुर के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर 15 फरवरी से 10 दिवसीय महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस लक्खी मेले में हर वर्ष की तरह हजारों श्रद्धालुओं, कावड़ियों और व्यापारियों के आने की संभावना है। हालांकि, मेला शुरू होने से पहले ही अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मेला ग्राउंड में आवारा गोवंश की मौजूदगी और पानी की कमी दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मेला परिसर में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश घूमता देखा जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ये गोवंश आपस में लड़ते-भिड़ते हैं और अचानक उग्र हो जाते हैं, जिससे उनकी अस्थायी दुकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने काफी मेहनत और खर्च से दुकानें लगाई हैं, लेकिन गोवंश के कारण हर समय नुकसान का डर सता रहा है। दुकानदारों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते गोवंश को नहीं हटाया गया, तो मेले में आने वाले महिला, बच्चे और श्रद्धालु भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मेले की शुरुआत से पहले गोवंश को मेला क्षेत्र से बाहर किया जाए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। दूसरी ओर, पीने के पानी की समस्या भी दुकानदारों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई व्यापारी 10 फरवरी के बाद से ही जमीन आवंटन के अनुसार मेला स्थल पर पहुंचकर अपनी दुकानें लगा चुके हैं। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से उन्हें पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में कैंपर खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा पानी सप्लाई का 10 दिन का ठेका 15 फरवरी से शुरू हो रहा है, जबकि अधिकांश दुकानदार उससे पहले ही मेला स्थल पर पहुंच चुके हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि महाशिवरात्रि का मेला सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।