हनुमानगढ़ टाउन स्थित आर्य समाज भवन को लेकर विवाद गहरा गया है। संस्था की पवित्रता भंग करने और भवन पर अवैध कब्जे के प्रयासों का आरोप लगाते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि लगभग 75 सालों से संचालित आर्य समाज भवन पर कुछ असामाजिक तत्व कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने राजनीतिक दबाव में आकर भवन की चाबियां एक व्यक्ति को सौंप दी हैं, जबकि यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। संस्था ने यह भी बताया कि जिस व्यक्ति को चाबियां सौंपी गई हैं, वह पूर्व में आगजनी के एक मामले में आरोपी रह चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर है। ऐसे व्यक्ति को भवन की जिम्मेदारी देना गंभीर सवाल खड़े करता है। ज्ञापन में एक पूर्व पार्षद पर भी आरोप लगाए गए हैं। संस्था का कहना है कि वह ट्रस्ट का सदस्य न होते हुए भी भवन में अवैध रूप से कार्यालय चला रहा है। आरोप है कि भवन को शादी और अन्य समारोहों के लिए किराए पर दिया जा रहा है, जहां शराब, मांस और नशीले पदार्थों का खुलेआम सेवन हो रहा है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान नशे में धुत लोगों द्वारा पास की दुकान में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित लोगों के भवन में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, न्यायालय में मामला लंबित रहने तक भवन को पुनः पुलिस रिसीवर के कब्जे में देने और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर लालचंद, पुरुषोत्तम, सतपाल, रामधेनू सिंह, जगबंधु, शिवाय, धर्मेंद्र बजाज सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।
