उदयपुर| आयड़ स्थित चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका प्रसन्नमति का चातुर्मास निष्ठापन धूमधाम से हुआ। निष्ठापन के बाद मंगल कलश को शोभायात्रा के साथ सेक्टर 11 सन्मति निलय में स्थापित किया गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह स्वागत हुआ। सन्मति निलय पहुंचने पर परिसर जयकारों से गूंज उठा। यहां पाद प्रक्षालन, शाही लवाजमा और शास्त्र भेंट के कर आर्यिका का विशेष सम्मान किया गया। समारोह में भंवरलाल–मंजू गदावत को उत्कृष्ट गुरु भक्ति पर श्रावक रत्न उपाधि दी गई। मेवाड़ी पगड़ी, उपरणा और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। धर्मसभा में आर्यिका ने कहा कि धन, स्वास्थ्य और धर्म तीनों वाला जीवन महा भाग्यशाली होता है। दूसरों के सुख में खुश होना ही मानवता का सार है।