मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में “गुणवत्ता नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर एक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 300 से 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें मोहम्मद अतीक ने अध्यक्षता की। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. एस. जमील क़ाज़मी ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया, जबकि डीन एकेडमिक्स इमरान खान ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर हुई चर्चा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनिल भंडारी ने अपने मुख्य वक्तव्य में गुणवत्ता नियंत्रण, गुणवत्ता आश्वासन, जोखिम प्रबंधन तथा नियामक अनुपालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। एआई के व्यावहारिक उपयोगों पर जोर तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्ता प्रणाली, फार्मास्यूटिकल एवं औद्योगिक प्रक्रियाओं में एआई के व्यावहारिक उपयोगों पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों ने सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न भी रखे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक समिति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं कौशल-विकास से संबंधित गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।