पाली में 6 गाड़ियों में आए बदमाशों ने टोल कर्मियों से मारपीट की। टोल बूथ पर तोड़फोड़ की और कलेक्शन राशि उठा ले गए। बदमाशों ने टोल बूथ पर लगा बैरियर तोड़ दिया, केबिन में जमकर तोड़फोड़ की। मामला स्टेट हाईवे-62 पर स्थित आमलिया टोल नाके पर गुरुवार शाम करीब 6ः27 बजे का है। घटना को लेकर टोल मैनेजर राहुल सामोता ने नाना पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। पहले बैरियर तोड़ा, फिर मचाया उत्पात
टोल मैनेजर राहुल सामोता ने बताया- गुरुवार शाम को आमलिया गांव की ओर से सफेद रंग की कैंपर गाड़ी आई। उसने सबसे पहले बैरियर तोड़ा। टोल स्टाफ ने उसका विरोध किया तो ड्राइवर नीचे उतरा और कर्मचारी पिंटूसिंह के सिर पर प्लास्टिक की कुर्सी से वार किया। 6 गाड़ियों में आए थे बदमाश
इसी दौरान पीछे से दो थार, एक स्विफ्ट कार, एक फोर्ड फिगो और अन्य गाड़ी आई। सभी में बदमाश सवार थे। इन गाड़ियों में सवार युवक लाठियां, हॉकी स्टिक और सरिए लेकर उतरे। हथियारों से लैस युवकों को देखकर टोल स्टाफ में दहशत फैल गई और कुछ कर्मचारी जान बचाकर भाग गए। तोड़फोड़ कर कैश कलेक्शन भी ले गए
हमलावरों ने टोल के सर्वर रूम में घुसकर तोड़फोड़ की। सर्वर ऑफिस में छिपे मैनेजर राहुल सामोता के साथ भी मारपीट की गई। बदमाशों ने मॉनिटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए। आरोप है कि हमलावर टोल का नकद कलेक्शन भी लूटकर ले गए। बीच-बचाव करने आए बाबूलाल और कार्तिक को भी लाठियों से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। राहगीर को भी चपेट में लिया
हमलावरों ने टोल परिसर में खड़ी एक बाइक को कैंपर से टक्कर मारी और एक थार गाड़ी बाइक पर चढ़ा दी। इस दौरान पैदल गुजर रहे केसरसिंह भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद हमलावर टोल परिसर में तेज रफ्तार से वाहन घुमाते हुए दहशत फैलाते रहे और फिर नाना की ओर फरार हो गए। इस हमले में राहुल सामोता, बाबूलाल, कार्तिक और केसरसिंह घायल हुए थे। जिनका सिरोही और नाना अस्पताल में इलाज किया गया। टोल स्टाफ से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान यशपाल रावल (भंदर निवासी), भरत रावल (पिंडवाड़ा निवासी), कुलदीप सिंह राणावत (आसावा निवासी), कैलाश सिंह और 3-4 अन्य युवकों के रूप में की है। नाना थाना के एएसआई राजेन्द्र सिंह ने बताया- देर रात मामला दर्ज कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही हैं। बदमाशों की तलाश भी जारी है। फिलहाल, हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।