शहर के जसदेर तालाब के आगोर की बेशकीमती भूमि इन दिनों अतिक्रमियों की शरणस्थली बनी हुई है। परिवहन विभाग कार्यालय के ठीक सामने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 40 से अधिक अस्थाई केबिन लगा दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी जमीन पर हो रहे इस कब्जे को रोकने के बजाय विभाग और प्रशासन ने मौन स्वीकृति दे रखी है। अवैध तरीके से रखे गए इन केबिनों ने बिना एनओसी के बिजली कनेक्शन लेकर सरकारी नियमों को एक बार फिर ठेंगा दिखाया है। परिवहन विभाग में अपने काम के लिए आने वाले आमजन की सुविधा के नाम पर यहां एजेंटों के जसदेर आगोर की जमीन पर एक के बाद एक करीब 40 अस्थाई केबिन लग चुके हैं। बिना किसी भू-स्वामित्व या विभाग की एनओसी के इन केबिनों में धड़ल्ले से बिजली के कनेक्शन ले लिए गए हैं। सवाल यह है कि डिस्कॉम ने बिना वैध दस्तावेजों के यहां कनेक्शन कैसे जारी कर दिए? जसदेर आगोर की जमीन पर खतरा आगोर की जमीन जल संरक्षण और पारिस्थितिकी के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है, लेकिन यहां निर्माण और केबिन विस्तार से आने वाले समय में इस भूमि का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ जाएगा। जसदेर तालाब के आगोर की जमीन पर जहां एक ओर कुछ लोगों द्वारा आए दिन अतिक्रमण किया जा रहा है। आरटीओ कार्यालय के पास 50 से अधिक केबिनों से अतिक्रमण किया है।
