जालंधर | श्री देवी तालाब मंदिर के प्रांगण में श्री बाबा हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में तबलावादक विजय घाटे, खंजीरावादक विद्वान सेलवा गणेश, ढोलक पर नवीन शर्मा और डीजेंबे पर शिखरनाद कुरैशी की संगत का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। उन्होंने राग यमन में भजन प्रस्तुत किया – श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी…। ये प्रस्तुति इस उत्सव के सबसे यादगार क्षणों में से एक रही। उन्होंने राग यमन के ढांचे के भीतर खंजीरा, ढोलक और डीजेंबे जैसे वाद्यों का उपयोग करके लयकारी का एक ऐसा “कोलाज’ तैयार किया, जिसने शास्त्रीय संगीत की सीमाओं को अंतहीन बना दिया। इस प्रस्तुति में श्रोताओं को अलग-अलग वाद्यों से संगीतक प्रभाव की खास संगति दिखी।