अलवर में दीपावली का त्योहार पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया है। लोग अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों में परिवार और मित्रों के साथ मिलकर लक्ष्मी पूजन कर रहे हैं, एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर शुभकामनाएं दी। बच्चों और युवाओं में पटाखे चलाने का जोश देखते ही बनता है। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट से पूरा शहर जगमगा रहा है, मानो उत्सव की छटा बिखेर रहा हो। बाजारों में दिवाली की सजावट और रोशनी देखने के लिए लोगों का परिवार सहित आना शुरू हो गया है। अलग-अलग थीम की लाइटिंग को लोग मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं और सेल्फी भी ले रहे हैं। शहर के बिजली घर चौराहे पर लगी शिव की घूमती हुई अर्ध प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं नंगली सर्किल पर बनाए गए सिंह द्वार पर भी महिलाएं और पुरुष खूब सेल्फी ले रहे हैं। अलवर के अपना घर शालीमार में स्थित श्रीराम जी के मंदिर प्रांगण में 5100 दीयो से “ओम” और “श्रीराम” का आकर बनाकर दीप जलाए गए, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाएं मंदिर में जाकर द्विप जलाने में उत्साह दिखा रही हैं। हालांकि, दिवाली के दिन बाजार सामान्य दिनों की तुलना मे जल्दी बंद हो गए