अलवर के किसानों ने प्याज के नुकसान पर राजस्थान सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों और व्यापारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि वे अब जयपुर कूच कर धरना देंगे और अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। भारत की सबसे बड़ी दूसरे नंबर की सब्जी मंडी में किसानों और व्यापारियों की बैठक हुई, जिसमें करीब 20 से 25 गांवों के 700 से ज्यादा किसान पहुंचे थे। मालाखेड़ा गांव के किसान रामअवतार ने बताया- खेत में मेहनत करने के बाद भी उन्हें फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे, जिससे परिवार का गुजर-बसर करना कठिन हो गया है। प्याज उन्हें रुला रही है, क्योंकि उत्पादन लागत भी पूरी नहीं हो रही। किसानों की सुसाइड करने की नौबत है। चिकानी गांव के किसान साहोल ने कहा – हालात इस कदर बिगड़े हैं कि किसान मंडी में 2 रुपए किलो में प्याज बेचने की बजाय नदी में फेंक रहे हैं, क्योंकि मंडी और कटाई का खर्च ज्यादा है। इसलिए टनों प्याज खेतों में सड़ रहा है, उसकी कटाई बंद हो गई है। लागत निकालना भी मुश्किल हो गया
प्याज मंडी में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किसानों और व्यापारियों के साथ प्याज के लगातार घटते दामों को लेकर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने पूर्व मंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा- प्याज के दाम इतने नीचे चले गए हैं कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। दो-दो मंत्री हैं, फिर भी किसान-व्यापारी परेशान
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा- अलवर जिले में दो-दो मंत्री हैं, एक केंद्रीय और दूसरा राज्य मंत्री, इसके बावजूद भी किसान और व्यापारी परेशान हैं। ये मंत्री किसानों की समस्याएं केंद्र सरकार तक नहीं पहुंचा रहे और न ही प्याज उत्पादकों को किसी प्रकार की सब्सिडी या राहत दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। जयपुर में जो प्रदर्शन किया जाएगा, उसमें वे सरकार से जवाब मांगेंगे। विधायक ललित यादव ने कहा- किसान अपनी फसलें नाले में बहा रहे हैं, क्योंकि उन्हें उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। वे किसान की पीड़ा को सरकार तक पहुंचाएंगे। जयपुर कूच पर आखिरी निर्णय लेना बाकी
मंडी व्यापारी पप्पू प्रधान ने बताया- अभी जयपुर कूच करने की तैयारी करेंगे, जिसके लिए आखिरी निर्णय लेना बाकी है। यह आंदोलन किसानों का होगा और इसमें किसी जनप्रतिनिधि को साथ में ले जाने के लिए अभी तय नहीं हुआ है। अंतिम निर्णय के बाद ही पता लगेगा कि इस आंदोलन में कौन-कौन साथ रहेंगे। ———— अलवर में प्याज के खेती से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…. प्याज के भाव- 2 रुपए किलो, किसान बोले-जहर खाना पड़ेगा:कभी पाकिस्तान-बांग्लादेश जाता था, अब खरीदार नहीं मिल रहे; नाले में फेंकने को मजबूर राजस्थान के अलवर में देश की दूसरी सबसे बड़ी प्याज मंडी है। यहां का लाल प्याज श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश में काफी पसंद किया जाता है, लेकिन इस साल हालात बिल्कुल अलग है। न मंडी में प्याज आ रहा है और न प्याज के किसानों के चेहरे पर खुशी है। कारण प्याज की मार्केट में डिमांड नहीं होना। हालात इस कदर बिगड़े हैं कि किसान मंडी में 2 रुपए किलो में प्याज बेचने की बजाय नदी में फेंक रहा है। पढ़ें पूरी खबर
